जीरकपुर। ढकोली के डीपीएस स्कूल में यूजीसी नेट का पेपर देने आई एक युवती को कड़ा पहनकर पेपर देने से रोका गया तो अभिभावकों ने हंगामा कर दिया। स्कूल प्रबंधकों ने युवती से कहा था कि यदि आप कड़ा पहनकर पेपर देने जाओगे तो डिक्लेरेशन फार्म देना पड़ेगा। इसमें उनका एग्जाम रद्द भी हो सकता है। इस पर नाराज युवती के पिता तेजिंदर सिंह ने प्रबंधकों की शिकायत एसजीपीसी के सचिव और यूजीसी को देने की चेतावनी दी। तो युवती को पेपर में जाने दिया गया।
जानकारी के मुताबिक वीरवार को ढकोली के डीपीएस स्कूल में यूजीसी नेट का पेपर था। इसमें सिख समुदाय से काफी विद्यार्थी आए हुए थे। स्कूल प्रबंधकों ने विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में जाने से पहले गहने, बैल्ट और सिख विद्यार्थियों को कड़ा उतारने के लिए बोला तो मनसिमरन कौर नामक युवती ने कड़ा उतारने से मना कर दिया। इस पर उनके पिता और बाकी सिख समर्थकों ने हंगामा कर दिया।
युवती के पिता तेजिंदर सिंह जो कि गुरु गोबिंद सिंह स्टडी सर्कल एनजीओ लुधियाना के डायरेक्टर हैं ने बताया कि उनकी बेटी मनसिमरन कौर का यूजीसी का पेपर ढकोली के डीपीएस स्कूल में सुबह 10 बजे शुरू होना था। जब वह अंदर जाने लगी तो सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें रोक दिया और कड़ा उतारने को कहा। जबकि सिक्योरिटी गार्ड खुद भी सिख था। इस पर तेजिंदर सिंह ने आपत्ति जताई और कहा कि सरकार के साथ हाईकोर्ट ने भी कड़े के साथ पेपर देने की इजाजत दे रखी है। फिर उन्हें क्यों रोका जा रहा है। हंगामा बढ़ता देख स्कूल प्रबंधकों ने कहा कि वह अंदर चले जाएं लेकिन उन्हें डिक्लेरेशन फार्म भरना होगा। जिसमें उनका पेपर रद्द भी हो सकता है। लेकिन जब वह पेपर देकर लौटी तो बताया कि स्कूल प्रबंधक डरा रहे थे और कोई डिक्लेरेशन फार्म नहीं भरवाया गया। लेकिन पेपर के दौरान इस बात से वह डिस्टर्ब जरूर रहीं।
युवती के पिता ने बताया कि पिछले साल दिल्ली में सीबीएससी ने दिल्ली में नीट की परीक्षा में सिख अमृतधारी विद्यार्थी को दाखिले से मना कर दिया था। इसके बाद दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद विद्यार्थियों को कड़े और किरपाण के साथ पेपर देने और दाखिला देने की इजाजत दी थी। तेजिंदर सिंह ने कहा कि वह अकाल तख्त साहिब और यूजीसी से मांग करेंगे कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए, ताकि दोबारा किसी सिख विद्यार्थी को यह अपमान न सहना पड़े।