कोच जयहिंद के साथ सिनायु गुलिया। स्रोत : परिजन
चंडीगढ़। सोनीपत के गांव पुरखास की बाॅक्सर सिनायु गुलिया (17) ने 69 किलोग्राम भार वर्ग में देश के पांच बाॅक्सरों के साथ मुकाबला कर उन्हें पछाड़ दिया। सिनायु ने इनको हराकर 67वीं नेशनल स्कूल गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। यह मुकाबले 3 से 8 जनवरी को दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में हुए। इससे पहले भी सिनायु राज्य स्तरीय बाॅक्सिंग प्रतियोगिता में तीन स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। सेक्टर-56 में रह रहीं चंडीगढ़ के डीएवी लाहौर स्कूल सेक्टर-सी की 11वीं कक्षा की छात्रा सिनायु ने अपनी सफलता का श्रेय बाॅक्सिंग कोच भगवंत मान, कोच जयहिंद, हिंद केसरी पहलवान पिता सरवर गुलिया और मां पिंकी रमन गुलिया को दिया है। उनके पिता पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। पिता का सपना था कि वह ओलिंपिक में देश के लिए कुश्ती में पदक जीते। चार साल पहले पिता ने चंडीगढ़ में उसका कुश्ती का अभ्यास कराया। कोरोना के दौरान कुश्ती की कोचिंग बंद हो गई। अभ्यास बंद होने के कारण उसका वजन 75 किलोग्राम में गया था। तभी फुफेरे भाई अंतरराष्ट्रीय पहलवान नरेंद्र गुलिया उर्फ धौला उसे चंडीगढ़ के सेक्टर-56 स्थित स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में बाॅक्सिंग कोच भगवंत मान और जयहिंद के पास ले गया। दोनों कोचों ने उसे बाॅक्सिंग का कड़ा अभ्यास करवाया और अब सफलता मिली है। सिनायु का कहना है कि वह बाॅक्सिंग में ओलिंपिक में पदक जीतकर पिता के सपने का पूरा करेगी।