स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने मंगलवार को शौर्यचक्र विजेता बलविंदर सिंह के हत्यारोपी और एक अन्य केस में शामिल सुखमीत पाल सिंह उर्फ भिखारीवाल को जिला अदालत में पेश किया। भिखारीवाल पर आरोप है कि वह पाकिस्तान में बैठे आतंकी लखबीर सिंह रोडे का साथी है, जो उसके कहने पर पाकिस्तान से यहां हथियार सप्लाई करने का काम करता है।
जांच का हवाला देते हुए उसके पुलिस रिमांड की मांग की गई। इस पर बचाव पक्ष के वकील ने पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि भिखारीवाल तो बीते दो साल से जेल में बंद है तो वह हथियार सप्लाई करने का काम कैसे कर सकता है। वहीं, दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने सुखमीतपाल सिंह उर्फ भिखारीवाल को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार दोपहर बाद एसएसओसी की टीम ने कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच सुख भिखारीवाल को जिला अदालत पेश किया और अदालत को बताया कि सुखमीत सिंह उर्फ सुख भिखारीवाल पाकिस्तान में बैठे आतंकी लखबीर सिंह रोडे का साथी है। इसके अलावा शौर्यचक्र विजेता बलविंदर सिंह की हत्या में आरोपी है, जो जेल के अंदर से पाकिस्तान में बैठे लखबीर सिंह उर्फ रोडे की मदद से यहां हथियार सप्लाई करने का काम करता है।
अदालत को बताया कि सुख भिखारीवाल से हथियार लाने, उसके टारगेट और इस काम में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने के लिए पूछताछ से कई खुलासे होने की संभावना है। इस पर एसएसओसी के वकील की दलीलों का विरोध कर आरोपी के वकील ने अदालत को बताया कि दो साल से सुख भिखारीवाल जेल के अंदर बंद है। ऐसे में कोई व्यक्ति जेल के अंदर बैठकर कैसे हथियारों की सप्लाई का काम कर सकता है, इसलिए रिमांड पर भेजने की सवाल ही पैदा नहीं होता।
बचाव पक्ष के वकील का जवाब देते हुए एसएसओसी अधिकारी ने अदालत से कहा कि आजकल जेल में बैठकर गिरोह चलाना आम बात सी हो गई है तो पुलिस विभाग के अधिकारी की यह बात सुनने के बाद अदालत ने कहा कि अगर जेल में बैठकर गिरोह चलाना आम बात हो गई है तो यह पुलिस की सुरक्षा में भारी चूक समझा जाए। दोनों पक्षों की दलील सुनकर अदालत ने सुखमीतपाल सिंह उर्फ सुख भिखारीवाल को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
कौन है सुख भिखारीवाल
जानकारी के मुताबिक सुखमीतपाल सिंह उर्फ सुख भिखारीवाल शौर्यचक्र अवॉर्डी बलविंदर सिंह की हत्या और 10 फरवरी, 2020 को धारीवाल में हनी महाजन पर हुए कातिलाना हमले के मामले में शामिल है। उसे दिसंबर, 2020 में दुबई से निर्वासित (डिपोर्ट) कर दिया गया था। सुख भिखारीवाल ने इन वारदातों को अंजाम देने के लिए हथियार और गोला-बारूद, लॉजिस्टिक्स, फंड आदि प्रदान किए थे।