खरड़। खरड़ शहर व इसके आसपास के क्षेत्र में सरकार की मंजूरी के बिना खोले गए इमिग्रेशन दफ्तरों की ठगी का कई नौजवान शिकार हो रहे हैं। इन एजेंटों को दिए गए पासपोर्ट व रकम वापस लेने के लिए कई नौजवान पुलिस थानों के चक्कर लगा रहे हैं।
इसकी एक मिसाल सोमवार को गांव संतेमाजरा स्कूल के सामने इम्पीरियल हाइट्स के सामने बनी मार्केट में खुले दफतर से तंग आए फगवाड़ा, जालंधर, बंगा, होशियारपुर तथा समराला के पीड़ित नौजवानों ने बताया कि वह एक अखबार में विज्ञापन पढ़कर व फेसबुक के माध्यम से विदेश जाने के लिए इस इमिग्रेशन दफ्तर के संपर्क में आए थे। कंपनी के खाते में लगभग 25-30 नौजवानों ने 30-35 लाख रुपये और पासपोर्ट जमा करवाए थे।
जालंधर के गुरमुख समेत एक अन्य युवक ने बताया कि एयरपोर्ट पर जब वीजा, टिकटें नकली निकले तो वहां तैनात अधिकारियों को अपने साथ हुई ठगी के बारे में जानकारी दी जिस पर उन्हें वापस भेज दिया गया। दलजीत सिंह, पारिस वर्मा, रोहित, सुरिंदर कुमार, गुरमेल सिंह, सुखचेन सिंह समेत लगभग दो दर्जन नौजवानों ने बताया कि इस बारे में उन्होंने कंपनी के मोबाइल पर कई बार संपर्क करना चाहा पर सभी नंबर बंद हो चुके थे। इसके बाद कंपनी के दफ्तर में पहुंचे तो वहां ताले लगे मिले। युवाओं ने पुलिस से मांग की कि पुलिस इस इमिग्रेशन कंपनी के एजेंटों की पहचान करके उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करके उनके पासपोर्ट वापस दिलवाए।
शिकायत पर बनती कार्रवाई की जाएगी
थाना सदर खरड़ के प्रमुख अमनदीप सिंह ने बताया कि इन युवाओं द्वारा दी गई शिकायत की जांच-पड़ताल करके बनती कार्रवाई की जाएगी। इसी दौरान पंचायत यूनियन के प्रधान हरमिंदर सिंह मावी ने पंजाब सरकार से मांग की कि खरड़ के आसपास बिना मंजूरी खोले गए इमिग्रेशन के दफ्तरों की जांच-पड़ताल करके इन अवैध दफ्तरों को तुरंत बंद करवाया जाए।
फोटो कैप्शन- ठगी का शिकार हुये युवक कंपनी के दफतर के बाहर नारेबाजी करते हुये।
फोटो नंबर- 20 खरड़-फोटो नंबर 05