जीरकपुर। शहर के ठेका कर्मियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निकाय विभाग ने सेल्फ हेल्प ग्रुप की सुविधा शुरू की है। इसका हिस्सा बनकर कर्मचारी अपनी आजीविका को जमा कर पाएंगे और जरूरत पड़ने पर उस पैसे का इस्तेमाल भी कर सकेंगे। ये बात निकाय विभाग के अधीन काम करने वाली सिटी मिशन की मैनेजर प्रीति अरोड़ा ने बताई।
जानकारी के अनुसार, सेल्फ हेल्प ग्रुप में वह प्रत्येक कर्मचारी पंजीकरण करवा सकता है, जिसकी सालाना आमदन तीन लाख तक हो। एक ग्रुप में 10 सदस्य शामिल किए जाएंगे। एक सदस्य को ग्रुप का अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा और बाद में ग्रुप का एक बैंक में खाता खोला जाएगा। वहीं, सरकार की इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कर्मचारी को अपना एक पहचान पत्र, दो फोटो और पैनकार्ड की कॉपी सैनिटाइजेश ब्रान्च में जमा करवानी होगी।
प्रत्येक माह होगी ग्रुप की बैठक
सेल्फ हेल्प ग्रुप का सदस्य बनने के बाद प्रत्येक माह सदस्यों की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें हर महीने एक कर्मचारी से 100 रुपये लेकर बैंक में जमा करवाए जाएंगे। वहीं, ऐसी सूरत में अगर किसी सदस्यों को पैसों की जरूरत होगी तो वह ग्रुप के अन्य सदस्यों की सहमति के बाद पैसे प्राप्त कर सकेगा। सरकार द्वारा इस सुविधा को शुरू करने का मकसद प्रत्येक व्यक्ति को आत्मनिर्भर करना है, ताकि भविष्य में वित्तीय परिस्थितियों को लेकर मुश्किलों का सामना न करना पड़े।
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सेल्फ हेल्प ग्रुप योजना सरकार द्वारा चलाई गई है, जिसका मकसद कर्मचारियों को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत हर ग्रुप में 10 सदस्य होंगे, जिनका बैंक में एक खाता खोला जाएगा और मासिक बैठकों में एकत्रित होने वाले पैसों को बैंक में जमा करवाया जाएगा। ये सुविधा का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की भविष्य को लेकर पैदा होने वाली वित्तीय स्थितियों को अनुकूल करना है। - प्रीति अरोड़ा, मैनेजर, सिटी मिशन, मोहाली एवं फतेहगढ़।
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ठेके पर काम करने वाले कर्मी अपनी आजीविका की बचत नहीं कर पाते हैं। इसलिए उनमें पैसे जमा करने की आदत डाली जा रही है। सरकार की इस सुविधा में जीरकपुर के अधिकतर कर्मचारी भाग ले रहे हैं। -संदीप तिवारी, ईओ, जीरकपुर नगर काउंसिल।