जीरकपुर। शुक्रवार सुबह हंडेसरा के आसपास दिल्ली पब्लिक स्कूल की बच्चों से भरी सूमो एक गाड़ी को ओवरटेक के लिए रास्ता देते हुए अचानक सड़क किनारे झाड़ियों में पलट गई। हादसे में सूमो में बैठे सातों बच्चे जख्मी हो गए, जिन्हें तत्काल रायवाली, लालड़ू व डेराबस्सी के अस्पतालों में भर्ती करवाया गया। सूमो को रेगुलर ड्राइवर सुखबीर के बजाय उसका बेटा चला रहा था। सुखबीर ने अपने अनट्रेंड बेटे को स्कूल प्रबंधकों को जानकारी दिए बिना गाड़ी थमा दी, जिसकी लापरवाही से यह हादसा हुआ।
हादसा सुबह करीब 6:45 बजे हंडेसरा स्थित गांव बड़ाना के पास हुआ। रायवाली और गांव बरटाना से डीपीएस के सात बच्चों को सूमो में बैठाकर चालक अभी बड़ाना गांव के पास पहुंचा ही था कि एक गाड़ी को ओवरटेक के लिए जगह देते हुए उसकी सूमो सड़क से नीचे झाड़ियों में पलट गई। झाड़ियों में पानी भरा होने से सभी बच्चों के बैग और वर्दियों से लेकर चेहरे तक कीचड़ में सन गए। सूमो चालक ने ही बच्चों को बाहर निकाल सड़क तक पहुंचाया और फरार हो गया। घायलों में 9वीं कक्षा की तन्वी और चौथी के शिवम को डेराबस्सी, जबकि रायवाली गांव से पांचवीं कक्षा के सुखचैन और उसके भाई तीसरी कक्षा के अपरम को रायवाली, बरटाना से नौवीं की अमृत, चौथी के हरदीप और 11वीं के अर्श का लालड़ू के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वहीं हादसे की सूचना पाकर भी मौके पर और अस्पताल में स्कूल प्रबंधकों के ना पहुंचने से बच्चों के परिजनों में रोष है।
स्कूल स्टाफ की सदस्य परनीत कौर ने बताया कि उन्हें सुबह 7:40 बजे हादेस की सूचना मिली थी जिस पर उनके दो स्टाफ सदस्य मौके पर पहुंचे थे। वे खुद भी दोपहर को मौका देखकर आई हैं। जब पूछा गया कि रेगुलर ड्राइवर सुखवीर की जगह उसका अनट्रेंड बेटा सूमो क्यों चला रहा था तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस बारे में शुक्रवार को ही पता चला है। इसकी जांच की जाएगी।