स्कूल बस एसोसिएशन के एक दल ने प्रधान हरभजन सिंह की अगुवाई में बुधवार को मुख्य संसदीय सचिव एनके शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सरकार द्वारा स्कूल बसों पर लगाए गए विभिन्न करों को वापस करने की मांग की है। इस दौरान उन्होंने उन्हें एक मांग पत्र भी सौंपा है। जिसमें लिखा गया है कि पंजाब से लगते राज्यों हरियाणा, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर व हिमाचल प्रदेश कोई रोड टैक्स व परमिट फीस नहीं ली जाती है। ऐसे में पंजाब के स्कूल बस आपरेटरों को भी राहत दी जाए। एसोसिएशन के उप प्रधान गुरदर्शन सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ में सालाना रोड 8400 रुपये व परमिट फीस720 पांच साल के लिए लिए जाते हैं। पंजाब में सालाना रोड टैक्स तीस हजार व परमिट फीस 15 हजार रुपये ली जाती है। उन्होंने कहा कि इतनी फीस का भुगतान आखिर बच्चों के पेरेंटस को ही उठाना पड़ता है। जिससे पेरेंट्स पर वित्तीय बोझ पड़ता है। जबकि कई पेरेंट्स तो बसों का किराया तक उठाने में असफल हो जाते है। इसका बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ता है। उन्होंने मांग की है कि राज्य सरकार अन्य राज्यों की तरह स्कूल बसों से वसूले जाने वाले टैक्स को खत्म करे। संसदीय सचिव ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है।