मोहाली। सड़कों की रिकारपेटिंग से पहले ऊपरी परत को हटाने की प्रक्रिया की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। फेज 2 निवासी समाजसेवी अतुल शर्मा ने बताया कि उन्होंने एक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है। इसके बाद सरकार ने मोहाली में सड़क का काम करवाने से पहले स्कारिफिकेशन (सड़क की ऊपरी परत हटाने की प्रक्रिया) का काम शुरू किया है। शर्मा ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने नगर निगम मोहाली के खिलाफ स्थायी लोक अदालत में याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था कि नगर निगम द्वारा बिना स्कारिफिकेशन के सड़कों पर रिकारपेटिंग करने के कारण सड़कों का लेवल घरों के प्लिंथ लेवल के बराबर हो गया है। बारिश के दिनों में लोगों के घरों में पानी भरने की समस्या हो रही है। इसके बाद स्थायी लोक अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए नगर निगम को आदेश दिया था कि वह सड़कों पर रिकारपेटिंग से पहले स्कारिफिकेशन करने को अनिवार्य बनाए। इसके साथ ही माननीय न्यायालय ने खुले मैनहोलों को ढकने तथा सीवर लाइनों की सफाई के निर्देश भी जारी किए थे। उन्होंने कहा कि अदालती आदेशों के बावजूद नगर निगम ने लंबे समय तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि इस मामले में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी) द्वारा तैयार की गई आधिकारिक रिपोर्ट में भी प्रमाणन की सिफारिश की गई है। यह पीईसी रिपोर्ट नगर निगम ने स्वयं मांगी थी, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि बिना स्केरिफिकेशन के री-कार्पेटिंग के कारण सड़कों का स्तर लगातार बढ़ रहा है।