मोहाली। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर शुरू हुए सात दिवसीय धरने में महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई है। महिलाओं ने पंजाब के पानी पर रॉयल्टी, किसानों के कर्ज माफ करने और एमएसपी बढ़ाने की मांग उठाई। साथ ही ऐसी भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया, जिससे कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचने की आशंका हो। आंदोलन में शामिल महिलाओं ने सातों दिन किसानों और अन्य लोगों के लिए लंगर सेवा करने का संकल्प लिया।
महिलाओं ने कहा कि किसान पंजाब के भविष्य और कृषि व्यवस्था को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। खेती से जुड़े परिवारों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार को किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर ठोस कदम उठाने चाहिए।
किसानों के साथ आखिरी सांस तक खड़े रहेंगे
मानसा जिला से आई गुरमीत कौर ने कहा कि किसान देश का पेट भरते हैं और उनकी मांगों को सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। वह सात दिन तक लंगर सेवा करेंगी और किसानों के संघर्ष में उनके साथ खड़ी रहेंगी। उन्होंने कहा कि अगर धरना अनिश्चितकालीन हुआ तो वह घर नहीं जाएंगी।
पानी पर पंजाब का हक मिले
मानसा से आई कुलबीर कौर ने कहा कि पंजाब के पानी का इस्तेमाल दूसरे राज्यों में हो रहा है, इसलिए पंजाब को पानी की रॉयल्टी मिलनी चाहिए। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पंजाब का भविष्य सुरक्षित होगा।
कर्ज माफी के साथ बढ़ाई जाए एमएसपी
मानसा की अमरजीत कौर ने कहा कि किसानों पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। सरकार को किसानों के कर्ज माफ करने चाहिए। उन्होंने ऐसी भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया, जिससे किसानों और कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचे। उन्होंने एमएसपी बढ़ाने की भी मांग की। कहा कि चीनी समेत खाद्य पदार्थों के दाम बढ़े हैं तो उसी तरह सभी फसलों के दाम भी बढ़ने चाहिए।
रोजाना 800 लोगों के लिए बनेगा लंगर
खरड़ से आई हरविंदर कौर ने बताया कि लंगर सेवा के माध्यम से आंदोलन में शामिल किसानों और अन्य लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाएगी। उनके साथ परिवार के मेजर सिंह सहित दो लोग भी सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी आंदोलन में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान परिवारों की महिलाएं खेती और घर दोनों की जिम्मेदारी संभालती हैं, इसलिए किसानों की समस्याओं से सीधे जुड़ी हैं। सरकार को किसानों से बातचीत कर जल्द समाधान निकालना चाहिए।