खरड़। आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से चुनाव से पहले खनन को सुचारु रूप से चलाकर खजाने को भरने की बड़ी-बड़ी बातें की जा रही थीं। लेकिन मौजूदा समय में लोगों को रेत और बजरी लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान नेता कुलवंत सिंह त्रिपड़ी, दविंदर सिंह देहकलां, गुरमीत सिंह खूनीमाजरा, गुरनाम सिंह काला और भूपिंदर सिंह ने बताया कि राज्य में खनन न होने के कारण जेसीबी मशीनों और टिप्परों के मालिकों को बैंक की किश्तें भरने में परेशानी हो रही है। क्योंकि इन लोगों ने बैंकों से लोन लेकर मशीनरी खरीदी थी, लेकिन जेसीबी और टिप्परों से कोई और काम नहीं लिया जा सकता है।
खनन बंद होने से यह मशीनरी घरों में खड़ी-खड़ी खराब हो रही है। इन लोगों को अपने घरों का गुजारा चलाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खनन बंद होने के कारण रेत और बजरी के भाव काफी बढ़ गए हैं और रेत-बजरी आम दिनों की तरह नहीं मिल रही है। इस कारण इस धंधे से जुड़े बिल्डिंग मैटीरियल का काम करने वाले और अन्य कामगार भी खाली बैठे हैं। रेत-बजरी न मिलने के कारण लोगों के घरों का काम बीच में ही लटक गया है और मजदूरों को भी काम नहीं मिल रहा है।
इस अवसर पर उन्होंने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर गरजते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार से ऐसे बदलाव की उम्मीद नहीं थी जिसने लोगों के रोजगार खत्म करके उन्हें घरों में खाली बैठा दिया है। इस अवसर पर उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि खनन के काम को जल्द खोल दिया जाए ताकि पहले की तरह सभी को सस्ते भाव में रेत और बजरी मुहैया हो सके और इस काम में लगे लोगों के परिवारों की रोटी भी चलती रहे।
फोटो कैप्शन- माईनिंग बंद होने के कारण हो रहे नुकसान सबंधी जानकारी देते हुये किसान नेता।
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