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पंजाब माईनिंग विभाग के अधिकारियों ने हरियाणा से आ रहे टिप्परों को रोका

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जीरकपुर। खनन विभाग ने वीरवार रात हरियाणा से रेत लेकर आ रहे आधा दर्जन टिप्परों को रोक लिया। उन्होंने पंजाब की खनन पॉलिसी के तहत सात रुपये प्रति घन फुट के हिसाब से रॉयल्टी देने के लिए कहा। इस पर गुस्साए हरियाणा के टिप्पर चालकों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। टिप्पर चालकों ने कहा कि हमने न तो पंजाब में खनन किया है और न ही हम टैक्स देंगे। हम हरियाणा से रेत लेकर आए हैं और हरियाणा सरकार को सभी टैक्स व रॉयल्टी दी हुई है।
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वहीं ट्रक चालकों ने आरोप लगाया कि खनन विभाग के अधिकारी जानबूझकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। वहीं खनन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वह पंजाब सरकार के आदेशों पर अवैध खनन को रोक रहे हैं, यदि उनके पास सभी बिल हैं तो वह रॉयल्टी जमा करवाएं। यदि जांच के बाद बिल ठीक पाए गए तो उनकी रॉयल्टी वापस हो जाएगी और अगर बिल नकली निकलते हैं तो उनकी रॉयल्टी पंजाब सरकार के खाते में जमा हो जाएगी।
इस संबंधी ढकोली निवासी रविंदर सैनी और अरुण मिड्डा ने बताया कि पंजाब में खनन बंद है, इसलिए वे हरियाणा से रेत लेकर आते हैं और लोगों तक पहुंचा रहे हैं। वह हरियाणा से सभी टैक्स देकर भी 20 रुपये फुट में यहां रेत सप्लाई कर रहे हैं लेकिन अब पंजाब सरकार उनसे 7 रुपये और रॉयल्टी के नाम पर गुंडा टैक्स मांग रही है। यदि हम 7 रुपये टैक्स दे भी दें तो हमें रेत 27 रुपये का पड़ेगा। हमारे 7 से 8 टिप्पर चलते हैं। अगर हमें एक टिप्पर पर 7 रुपये के हिसाब से 7000 हजार रुपये भरने पड़ते हैं तो ऐसे तो हमें 50 से 60 हजार रुपये रोजाना की रॉयल्टी भरनी पड़ेगी। अगर पंजाब सरकार हरियाणा सरकार से संपर्क करे और पूरा काम ऑनलाइन हो जाए तो हमारा बिल चेक करें। यदि हमारा बिल नकली हुआ तो हम साथ के साथ जुर्माना देने के लिए तैयार हैं लेकिन बिल सही होने के बावजूद हम एक महीना पैसे वापस आने का इंतजार क्यों करें।
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कुछ टिप्परों को जानबूझकर कर रहे परेशान
टिप्पर चालकों ने खनन विभाग के खिलाफ रोष जताते हुए कहा कि हरियाणा से रोजाना सैकड़ों टिप्पर रेत लेकर आते हैं जिन्हें चेक नहीं किया जाता। केवल दो-तीन पार्टियों को टारगेट किया जा रहा है। सबको रोक कर रॉयल्टी भरवाएं तो हमें आपत्ति नहीं होगी।
कोट्स
सरकार के आदेश पर टीम ने स्पेशल नाकाबंदी करके कुछ टिप्परों को रोका था। इनमें से एक टिप्पर से 10345 रुपये और दूसरे से 5250 रुपये रॉयल्टी ली गई है। अगर इनके बिल नकली न हुए तो यह रॉयल्टी एक महीने में वापस कर दी जाएगी। किसी को टारगेट नहीं कर रहे हैं। हमने नाकाबंदी के दौरान जिन्हें भी पकड़ा है, उनसे रॉयल्टी ली है। -लखवीर सिंह, एसडीओ खनन विभाग, डेराबस्सी
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