मोहाली। शहर में कूड़े के ढेर और जलभराव की गंभीर होती स्थिति को लेकर द कॉन्फेडरेशन ऑफ ग्रेटर मोहाली रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। फेज-7 में आयोजित एक अहम बैठक में एसोसिएशन ने दो टूक कहा कि यदि कूड़ा निस्तारण और सीवरेज की समस्या का स्थायी समाधान तुरंत नहीं हुआ तो वे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दायर करेंगे। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने समगोली में कूड़ा प्रबंधन प्रोजेक्ट के शुरू न होने पर गहरा रोष व्यक्त किया। उप-अध्यक्ष बख्शीश सिंह ने सीधा आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से इस प्रोजेक्ट को जानबूझकर लटकाया जा रहा है, जो शहरवासियों की सेहत और पर्यावरण के साथ बड़ा खिलवाड़ है। वहीं, बीपनजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की विफलता के खिलाफ अब कानूनी रास्ता ही एकमात्र विकल्प बचा है।
40 साल से जलभराव का दंश झेल रहा फेज-5
बैठक में जलभराव के पुराने जख्मों पर भी चर्चा हुई। जनरल सेक्रेटरी नरेश वर्मा ने कहा कि फेज-5 और आस-पास के इलाकों में पिछले 40 सालों से बारिश का पानी जमा हो रहा है। उन्होंने हैरानी जताई कि दशकों बीत जाने के बाद भी कोई सरकार इसका पक्का हल नहीं निकाल पाई है।
अन्य प्रमुख मुद्दे और मांगें:
- पेड़ों का हेल्थ ऑडिट कराने की मांग की गई है।
- अतिक्रमण हटाने से पहले जनता को नियमों के प्रति जागरूक किया जाए और उनके सुझाव लिए जाएं।
- डेजिग्नेटेड वेंडर जोन बनाने और लावारिस कुत्तों के टीकाकरण की मांग उठाई।
- शहर की सुंदरता बिगाड़ रहे और जानलेवा बने बिजली व टेलीफोन की तारों के गुच्छों को तुरंत हटाने का फैसला लिया गया।
साफ छवि के उम्मीदवारों को समर्थन
आगामी चुनावों को देखते हुए कॉन्फेडरेशन ने निर्णय लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में साफ-सुथरी छवि वाले उम्मीदवारों को ही वोट देंगे और जनता को इसके लिए प्रेरित करेंगे। बैठक के दौरान हरिंदर पाल सिंह को सर्वसम्मति से एसोसिएशन का जॉइंट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता केके सैनी ने की, जिसमें मोहाली की तमाम आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि शामिल हुए।