फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

63 लाख खर्च कर बनाई सड़क, डेढ़ माह में तीसरी बार धंसी

विज्ञापन
विज्ञापन
जीरकपुर। पटियाला रोड से एयरफोर्स स्टेशन को जाने वाली सड़क डेढ़ माह में तीसरी बार धंस गई। यह सड़क पहली बरसात भी नहीं झेल पाई है। बता दें कि 2.3 किमी की इस सड़क पर अब तक नगर काउंसिल ने करीब 63 लाख रुपये खर्च कर दिए हैं।
विज्ञापन

इस बार करीब 200 मीटर सड़क एक तरफ से पूरी धंस गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि इस सड़क के निर्माण में अच्छे मैटेरियल का इस्तेमाल नहीं किया गया था। वहीं, नगर काउंसिल के अधिकारियों की लापरवाही के चलते सड़क एक तरफ से टूटती जा रही है। जब सड़क हल्की धंसी थी, तभी अमर उजाला की तरफ से मामला नगर काउंसिल के अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया था। उस समय काउंसिल के अधिकारियों ने तत्काल सड़क को सही कराने का दावा भी किया था।
बावजूद इसके इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। नतीजा धीरे-धीरे पूरी सड़क धंसती चली गई। यह सड़क नाभा गांव के नजदीक हाई ग्राउंड को जाती है जिसके निर्माण में अच्छे मैटेरियल के इस्तेमाल का दावा किया गया था।
विज्ञापन

इस मार्ग से रोजाना निकलने वाले राहगीरों का कहना है कि लोगों द्वारा दिए गए टैक्स से सड़कों का निर्माण किया जाता है, लेकिन नगर काउंसिल के अधिकारी मौके पर जाकर जायजा नहीं लेते और न ही सड़कों की क्वालिटी चेक की जाती है। इसका सीधा फायदा ठेकेदार उठाते हैं और मनमाने तरीके से घटिया मैटेरियल का इस्तेमाल कर सड़कों का निर्माण करते हैं।
पहली बारिश में धुली सड़क
लॉकडाउन के दौरान नगर काउंसिल के अधिकारियों ने बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए हाई ग्राउंड की सड़क बनाई थी, लेकिन सड़क पहली बरसात में ही धुलती जा रही है। दरअसल इस एरिया में दो बड़े बिल्डरों की सोसायटियां हैं। ऐसे में बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए नगर काउंसिल के अधिकारियों ने आनन-फानन में 20 फीट की सड़क को 40 फीट करने के चक्कर में मिट्टी भरवाई थी। लेकिन सही तरीके लेवलिंग न होने के चलते सड़क किनारे से धंसती जा रही है, अब तक नगर काउंसिल के अधिकारियों ने ठेकेदार के लिए खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की है।
क्या कहते हैं एसडीओ
नगर काउंसिल के एसडीओ दमन दविंदर सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है, मिट्टी डालकर सड़क को सही कराया जाएगा। वहीं काउंसिल के ईओ से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें