मोहाली/खरड़। खरड़ नगर काउंसिल के अधीन आते इलाके के सीवरेज के पानी को कुछ दिन पहले जिला प्रशासन ने एसवाईएल नहर में डाला था। पानी बढ़ने के बाद शनिवार को प्रशासन ने वहां पाइप डालकर उसे निकालने की कोशिश की। इस दौरान पानी का प्रेशर काफी अधिक होने के चलते खरड़ बस्सी पठाना सड़क बह गई। इस दौरान करीब 150 फुट चौड़ा सड़क का हिस्सा पानी में समा गया।
सड़क के बहने सेे 20 से अधिक गांवों का खरड़ और मोहाली से संपर्क टूट गया है। इसका खामियाजा खरड़ में नौकरी और पढ़ाई करने वाले बच्चों को उठाना पड़ेगा। प्रशासन ने फिलहाल रोड को बंद कर दिया है लेकिन लोगों में काफी रोष है। उनका कहना है कि यह पानी आगे जाकर भी नुकसान पहुंचाएगा। वहीं, इलाके में बीमारी फैलने का बन गया है।
जानकारी के मुताबिक सीवरेज का गंदा पानी कुछ समय पहले खेतों में जा रहा था। इससे फसलें बर्बाद हुई तो किसानों ने संघर्ष किया। इसके बाद प्रशासन ने पानी को खेतों से हटाकर साथ लगती बंद पड़ी एसवाईएल नहर में छोड़ दिया लेकिन किसानों ने नहर में भी पानी छोड़ने का विरोध किया। शनिवार सुबह प्रशासन के अधिकारियों की एक टीम मलकपुर के पास पहुंची थी। इस दौरान दाईं तरफ नहर के एरिया में भरे पानी की निकासी की कोशिश की पर नहर में भरे करीब 60 से 70 फीट गहरे पानी का प्रेशर पाइप सहन नहीं कर पाई और पानी सारा सामान बहाकर ले गया।
इस संबंध में नगर काउंसिल के ईओ एएस बराड़, एसडीएम हिमांशु जैन से संपर्क किया तो उन्होंने फोन तक नहीं उठाया। सारे अधिकारी जवाब देने से बचते रहे। हालांकि लोक निर्माण विभाग की टीम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
पानी के कारण टूट सकती है एक और सड़क
लोगों ने अंदेशा जताया कि पानी के कारण धड़ाक से वासिया वाली सड़क टूट सकती है क्योंकि वहां पर एक ही पाइप डाली हुई है। इस मामले में जिला प्रशासन को सोचना चाहिए, वरना वे अदालत की शरण लेंगे।
मछलियां, नील गाय और अन्य जानवरों की हुई मौत
एसवाईएल कई सालों से बंद पड़ी है। ऐसे में वहां पर काफी संख्या में जंगली जीव-जंतु, नीलगाय और अन्य जानवर रहते थे। इसके अलावा एसवाईएल के काफी हिस्से में पानी था जहां पर मछलियां थीं लेकिन सीवरेज के पानी के कारण वे भी मर रही हैं।
लोक निर्माण विभाग ने सड़क की बंद
जिस जगह सड़क पानी में बही है, वहां लोग या कोई वाहन जाकर हादसे का शिकार न हो जाए। इसके चलते लोक निर्माण विभाग ने वहां जाने वाली सड़क को करीब एक किलोमीटर पहले ही बंद कर दिया है। सड़क पर दो जगह-जगह बैरिकेड लगाए हैं। साथ ही वहां पर खतरे के बारे में भी लिखा है।
20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा
सड़क टूटने की वजह से बीस से अधिक गांवों के लोगों को बीस किलोमीटर से अधिक का सफर तय करके खरड़ पहुंचना पड़ेगा। दूसरी तरफ वहां से आगे जाने वाले लोगों को भी अन्य गांवों से होकर जाना पड़ रहा है।