मोहाली। मानसून के दौरान दूषित पानी से फैलने वाला हेपेटाइटिस-ई संक्रमण गंभीर खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों ने समय पर पहचान और बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। फोर्टिस, फेज 8 के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के निदेशक अरविंद साहनी ने बताया कि यह संक्रमण दूषित पानी से फैलता है। गर्भवती महिलाओं, लिवर रोगियों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहना चाहिए। बारिश के मौसम में जलजनित संक्रमण तेजी से बढ़ते हैं। पीलिया, गहरे रंग का मूत्र, अत्यधिक थकान, मतली, उल्टी और भूख कम लगने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। स्वयं दवा लेने के बजाय जांच और इलाज कराना जरूरी है। साहनी ने स्वच्छ पानी पीने, अस्वच्छ स्थानों पर भोजन से बचने और हाथ धोने की सलाह दी। जागरूकता, साफ-सफाई और समय पर बचाव से हेपेटाइटिस-ई का खतरा कम किया जा सकता है।