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Mohali News: राजस्व विभाग ने 2000 रजिस्ट्रियों का 30 हजार पन्नों का रिकॉर्ड पुलिस को सौंपा

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डेराबस्सी। पिछले साल डेराबस्सी तहसील में फर्जी एनओसी पर की गई रजिस्ट्रियों का एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। इसमें फर्जी एनओसी पर करीब 175 प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियां अकेले डेराबस्सी में की गई थीं। इसके साथ ही लालडू क्षेत्र में भी कई फर्जी एनओसी के आधार पर रजिस्ट्री करवाई गई थी।इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी के सदस्य एवं डेराबस्सी पुलिस प्रमुख अजितेश कौशल ने राजस्व विभाग से उक्त तीन महीने के दौरान हुई रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड मांगा। तीन महीने के दौरान डेराबस्सी तहसील में करीब 2000 रजिस्ट्रियां हुई थीं। इस मामले में अब राजस्व विभाग ने उक्त रजिस्ट्रियों का करीब 30 हजार पन्नों का रिकॉर्ड पुलिस को सौंपा है।
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नायब तहसीलदार हरिंदरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने जो रिकार्ड मांगा था, वह कई दिन पहले दे दिया गया था। एक रजिस्ट्री में करीब 15 पेज होते हैं, जिन्हें पहले स्कैन किया जाता है, जिसके बाद उनका प्रिंट निकालकर रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह पहला मामला है जब किसी केस के लिए इतने पेज का रिकॉर्ड तैयार किया गया है। थानाध्यक्ष अजितेश कौशल ने बताया कि रिकॉर्ड मिलने के बाद गहन जांच की जा रही है। अगर जांच के दौरान कोई और सबूत मिला तो मामले में अन्य लोगों को भी शामिल किया जा सकता है।

मामले में आठ पर केस दर्ज, चार जेल में
फर्जी एनओसी पर रजिस्ट्री के मामले में आरोपी सुरेश जैन, गुलशन कुमार, रितिक, विक्की ठाकुर जेल में हैं। हीरा लाल, बंटी खन्ना, सुखजीत सिंह काका गुज्जर और कपिल गुप्ता भी नामांकित हैं। कपिल गुप्ता ने जमानत लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी जमानत खारिज कर दी थी। बंटी खन्ना ने खुद को बेगुनाह बताते हुए इन्क्वायरी डाल रखी है।
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सितंबर में शिकायत, अक्टूबर में केस दर्ज, जनवरी में चालान पेश

फर्जी एनओसी का पहला मामला सितंबर, 2023 में सामने आया था। तीन अक्टूबर को नगर परिषद ने डेराबस्सी के बारे में पुलिस को शिकायत दी गई थी और पुलिस ने इसी दिन मामला दर्ज कर लिया था। इसके बाद 15 जनवरी, 2024 को पुलिस ने डेराबस्सी कोर्ट में चालान पेश किया था।
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