कुराली। जिले के करीब तीन दर्जन सेवामुक्त प्राइमरी स्कूल अध्यापक विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण करीब दस साल पुराने एरियर के अदायगी के लिए तरस रहे हैं। इस संबंधी गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन पंजाब के पूर्व स्टेट प्रेस सचिव हरनेक सिंह मावी ने कहा कि मोहाली जिले के अलग-अलग एजुकेशनल ब्लॉक में काम कर चुके करीब तीन दर्जन अध्यापक, जिनमें जेबीटी, हेड टीचर, सेंटर हैंड टीचर शामिल हैं, लीव इनकैशमेंट और महंगाई भत्ते के छह परसेंट एरियर के लिए संबंधित ब्लॉक प्राइमरी एजुकेशन ऑफिस के चक्कर लगाकर थक चुके हैं।
संबंधित अध्यापकों को महंगाई भत्ते की अदायगी के आदेश माननीय पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने किए हुए हैं, इसके बावजूद विभाग के अधिकारी टस से मस नहीं हो रहे हैं। कहा कि उनके पास मोहाली जिले के एजुकेशनल ब्लॉक खरड़-1, खरड़-2, खरड़-3, बनूड़ के एरियर के लिए परेशान टीचरों की लिस्ट है, जिन्होंने अपने जरूरी कागजात संबंधित ब्लॉक प्राइमरी एजुकेशन ऑफिस में जमा करवा दिए हैं, इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से सेवामुक्त अध्यापकों का एरियर जारी करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
इंसाफ नहीं मिला तो संघर्ष को होंगे मजबूर
अधिकारियों द्वारा सेवामुक्त अध्यापक वर्ग को परेशान किए जाने की कड़ी निंदा करते हुए एजुकेशन मिनिस्टर पंजाब, एजुकेशन सेक्रेटरी पंजाब से मांग की है कि इस मामले की जांच करते हुए सेवामुक्त अध्यापकों का बकाया एरियर तुरंत जारी किया जाए और लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मावी ने कहा कि यदि पीडि़त अध्यापकों को इंसाफ ना मिलने पर वे संघर्ष के लिए मजबूर हो जाएंगे।