मोहाली। शहर में लगातार बढ़ रही कूड़े की समस्या को लेकर अब रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों ने सख्त रुख अपना लिया है। कंफेडरेशन ऑफ ग्रेटर मोहाली रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में उठाया जाएगा। यह फैसला वीरवार को एसोसिएशन की प्रधान केके सैनी की प्रधानगी में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में शहर की विभिन्न आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया और कूड़ा निपटान की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता जताई।
सैनी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार, स्थानीय निकाय विभाग और नगर निगम मोहाली के अधिकारियों के साथ कई बैठकें की जा चुकी हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस काम नजर नहीं आया। मीटिंग में मौजूद आरडब्ल्यूए एमआईजी के प्रधान बिपनजीत सिंह ने कहा कि सरकारी वेबसाइटों पर कई योजनाएं और प्रयास दिखाए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में शहर में कूड़ा प्रबंधन की स्थिति बेहद खराब है। लंबी चर्चा के बाद यह तय किया गया कि कंफेडरेशन 15 दिन तक इंतजार करेगी। यदि इस दौरान कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो एनजीटी में रिट पिटीशन दायर की जाएगी।
इसके लिए बिपनजीत सिंह को आवश्यक दस्तावेज तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, बैठक में संगठनात्मक बदलाव भी किए गए और निष्क्रिय सदस्यों को हटाकर नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई। कंफेडरेशन ने साफ किया कि यह शहर की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है और इसके समाधान के लिए अब कानूनी रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।