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कच्चे-पक्के शिक्षक मुख्यमंत्री को घेरने के लिए बैरिकेड्स तोड़कर चंडीगढ़ में घुसे, यूटी पुलिस ने रोका

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मोहाली.....मोहाली पुलिस द्वारा वाईपीएस चौंक पर लगाए गए बेरीकेटस को तोड़ कर चंडीगढ़ में एंट्री करते - फोटो : MOHALI
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मोहाली। बुधवार को कच्चे (अस्थायी) शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ में स्थित सरकारी आवास को घेरने के लिए कूच किया तो उन्हें रोकने के लिए पंजाब पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए। जबकि उन्हें तोड़कर प्रदर्शनकारी शिक्षक चंडीगढ़ में दाखिल तो हो गए। लेकिन अगले ही चौक पर चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर सभी शिक्षक वहीं धरने पर बैठ गए और यहां पर दो घंटे तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
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उधर, छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के विरोध में पक्के अध्यापकों ने सिसवां स्थित मुख्यमंत्री के फार्म हाउस की तरफ कूच किया। जिन्हें पुलिस ने रोका तो सिसवां टी प्वांइट पर उन्होंने धरना दिया। दोनों ही धरने की जगह प्रदर्शनकारियों को आज सीएम सचिव के साथ बैठक करवाने का लिखित आश्वासन मिलने पर धरना खत्म हुआ।
लंबे समय से पक्के किए जाने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे पंजाब के कच्चे शिक्षकों ने बुधवार को मोहाली में शिक्षा विभाग के आगे धरना देने के बाद मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास की तरफ कूच किया था। इस धरने में पूरे राज्य से तीन हजार से ज्यादा कच्चे शिक्षक मोहाली पहुंचे थे। इन्हें रोकने के लिए मोहाली पुलिस ने डॉल्फिन चौक पर बैरिकेडिंग की हुई थी। पुलिस ने जब इन्हें रोकने का प्रयास किया तो कच्चे शिक्षकों पुलिस से धक्कामुक्की कर बैरिकेड्स तोड़ते हुए चंडीगढ़ में दाखिल हो गए। पुलिस का बल प्रयोग भी इन प्रदर्शनकारी अध्यापकों को रोक पाने में सफल नहीं हो सका। उधर, चंडीगढ़ पुलिस ने अगले चौक पर बैरिकेडिंग की हुई थी और इन्हें यहीं पर रोक दिया।
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वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। चंडीगढ़ के एसएसपी कुलदीप सिंह चहल खुद वहां मौजूद रहे। यहां से आगे न बढ़ पाने के कारण कच्चे अध्यापक वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दो घंटों तक यहां स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। कई बार पुलिस और शिक्षकों के बीच टकराव के हालात पैदा हुए।
इस मौके पर चंडीगढ़ के एसएसपी कुलदीप सिंह चहल, मोहाली के एसपी हरविंदर सिंह विर्क, डीएसपी दीप कमल और एसडीएम जगदीप सहगल ने शिक्षकों को शांत करने का प्रयास किया। लेकिन शिक्षक अपनी जिद पर अड़े रहे। इन अधिकारियों ने राज्य सरकार के आला अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कर वीरवार को बैठक का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद शाम 4 बजे कच्चे शिक्षकों ने धरना समाप्त किया। कच्चे अध्यापकों की अगुवाई कर रहे दविंदर सिंह संधू, हरप्रीत कौर जालंधर, सतिंदर सिंह कंग और अजमेर सिंह औलख ने कहा कि सरकार लंबे समय से उनकी मांगों को टालती आ रही है। जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आज होगी शिक्षकों की मुख्यमंत्री के सचिव से बैठक
कच्चे शिक्षकों की वीरवार को 11 बजे शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला, मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार, शिक्षा सचिव और वित्त सचिव के साथ बैठक होगी। इन्हीं अधिकारियों के साथ 7 जुलाई को भी कच्चे शिक्षकों की बैठक हुई थी। जिसमें उनकी मांगों को कैबिनेट की बैठक में रखकर मंजूर करवाने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन सरकार में चल रही उठापटक के चलते कैबिनेट की बैठक नहीं हो सकी। कच्चे शिक्षकों की अगुवाई कर रहे दविंदर सिंह संधू ने कहा कि वीरवार की बैठक में कोई ठोस हल नहीं निकला तो राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्रियों और पंजाब कांग्रेस की नवगठित टीम जिसमें पंजाब प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और चार अन्य कार्यकारी अध्यक्षों के घरों का घेराव शुरू किया जाएगा।
सिसवां टी प्वाइंट धरना
वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ पक्के शिक्षकों ने सीएम फार्म हाउस की तरफ किया कूच
क्रासर - आज होगी शिक्षकों और सरकार की ओर से बनाई गई कमेटी की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
नयागांव : चंडीगढ़-कुराली-बद्दी टी पाइंट पर पंजाब के पक्के (स्थायी) शिक्षक संयुक्त पंजाब शिक्षक संघ के बैनर तले एकत्रित हुए। ये शिक्षक मुख्यमंत्री के सिसवां स्थित फार्म हाउस की ओर कूच करने की तैयारी में थे, लेकिन मोहाली पुलिस ने इन्हें वहीं रोक दिया। इसके बाद वहीं पंजाब सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगे रखीं। एसडीएम खरड़ ने प्रदर्शनकारी शिक्षक एवं सरकार के बीच बातचीत की भूमिका निभाई। वीरवार को बैठक के लिखित आश्वासन पर शिक्षकों ने अपना धरना प्रदर्शन स्थगित किया।
शिक्षक संघ की भिन्न- भिन्न इकाइयों के पूरे पंजाब से हजारों की संख्या में शिक्षक सिसवां टी पाइंट पर एकत्रित हुए। शिक्षकों ने मुख्यत: छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट में सुधार, पुरानी पेंशन स्कीम लागू करना एवं मोहाली में प्रदर्शनकारी अस्थायी शिक्षकों को स्थायी करने की तीन मांगे रखीं। इस मौके पर शिक्षकों ने कहा कि अगर शिक्षकों की मांगों को नहीं माना गया तो मुख्यमंत्री के फार्म हाउस का घेराव किया जाएगा। 2017 में मुख्यमंत्री की तरफ से शिक्षकों से वादा किया गया था कि उनकी यह सभी मांगे पूरी की जाएंगी। लेकिन सरकार के साढ़े चार साल बीत जाने के बाद भी हमारी मांगों की तरफ गौर नहीं किया गया। अगर सरकार मांगों की तरफ ध्यान नहीं देती है तो 2022 के विधानसभा चुनाव में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
शिक्षकों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी चाक-चौबंद नजर आया। पुलिस द्वारा तीन स्तर की बैरिकेडिंग की गई थी। एसपी आकाशदीप सिंह, डीएसपी सिटी-1 गुरशेर सिंह संधू, डीएसपी मनजीत सिंह के साथ भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारी शिक्षकों से बातचीत का जिम्मा एसडीएम खरड़ हरबंस सिंह ने संभाला। एसडीएम ने प्रदर्शनकारी शिक्षकों से बातचीत कर उनका मांग पत्र लेकर शिक्षकों को लिखित आश्वासन दिया कि वीरवार को पंजाब भवन में दोपहर 2:30 बजे 25 जून, 2021 को सरकार द्वारा बनाई गई पांच मंत्रियों की कमेटी के साथ सभी शिक्षक संगठनों की बैठक करवाई जाएगी। एसडीएम के लिखित आश्वासन के बाद शिक्षकों ने अपना विरोध प्रदर्शन खत्म किया।

मोहाली पुलिस द्वारा वाईपीएस चौक पर लगाए गए बैरिकेड्स तोड़कर चंडीगढ़ में घुसते अस्थायी अध्यापक। - फोटो : MOHALI

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