मोहाली। स्टील के बर्तनों की जगह अब लोगों का मिट्टी के बर्तन खरीदना काफी पसंद कर रहे हैं। यही वजह है कि मोहाली में चल रहे सरस मेले में लगी मिट्टी के बर्तनों की दुकानों पर बर्तन खरीदने के लिए लोग भारी संख्या में पहुंच रहे हैं।
अब ऐसा लग रहा है कि कच्ची मिट्टी के बर्तनों का ट्रेंड फिर से वापस लौट रहा है और मेले में मिट्टी के बर्तन चार चांद लगा रहे हैं। मिट्टी के बर्तन का सबसे अलग ही ट्रेंड दिख रहा है। सरस मेले में हरियाणा के नूंह जिले की सावित्री ने बताया कि बर्तन बनाने के लिए नरम काली मिट्टी, लाल मिट्टी और पीली मिट्टी का उपयोग किया जाता है। वहीं, बर्तन बनाने के लिए पहले खेतों से मिट्टी खोदी कर लाते हैं। उसके बाद मिट्टी को अच्छे से साफ करके बर्तनों के लिए तैयार किया जाता है। इसके बाद बर्तनों को पकाने के हम लिए लकड़ी के बुरादे हैं और बर्तन पकाने में काफी समय लगता है।
मिट्टी के बर्तनों में पकाया हुआ खाना इतना स्वादिष्ट होता है कि आज के दौर की पीढ़ी मिट्टी के बर्तनों में ही खाना और बनाना पसंद कर रही है। सरस मेले में कच्ची मिट्टी के बर्तनों की दुकानों पर दिवाली के लिए मिट्टी के दीये, मिट्टी से बने विभिन्न सजावटी सामान की खरीदारी कर रहे हैं।