मोहाली। एक दुष्कर्म के मामले की सुनवाई जिला अदालत में हुई। अदालत ने दुष्कर्म और अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकियां देने जैसी धाराओं का सामना कर रहे आरोपी को दुष्कर्म का आरोप साबित नहीं होने पर बरी कर दिया है।
अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनकर आरोपी को आईपीसी की धारा 376(2)(एन) व आईटी एक्ट की धारा 67 से दोष मुक्त कर दिया है। शिकायतकर्ता अदालत में कहानी साबित नहीं कर पाई। अदालत ने कहा कि केवल आरोप लगाने से जुर्म साबित नहीं हो जाता, ऐसे में आरोपी सजा का हकदार नहीं है। उसको सभी आरोपों से बरी किया जाता है। साल-2018 में मोहाली की रहने वाली तलाकशुदा महिला ने युवक पर दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया था। आरोप था कि युवक ने उसके साथ शादी का झांसा देकर मई-जून 2017 से 18 तक उसे जबरदस्ती शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जून 2017 में एयरपोर्ट रोड पर सुनसान जगह स्कॉर्पियो गाड़ी में पहली बार दुष्कर्म किया और उसे गुमराह कर सेक्टर-42 के एक होटल में भी ले गया। यहां उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और बेहोश करके दुष्कर्म किया और उसकी अश्लील वीडियो बना ली। इसके बाद उसे ब्लैकमेल करता रहा और कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद कहने लगा कि वह शादी करना चाहता है, इसके बाद कई बार होटल में ले गया और दुष्कर्म किया। इसके बाद शादी से मना कर दिया। इस पर उसने पुलिस को शिकायत दी थी। यह मामला जिला अदालत में विचाराधीन था।