मोहाली। जिले में नशों के खतरे के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर उपायुक्त कोमल मित्तल ने जोर दिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए शिक्षण संस्थानों में सेमिनार आयोजित किए जाने चाहिए, परामर्शदाताओं और प्रेरकों की मदद ली जानी चाहिए, जिन्होंने नशीली दवाओं से दूरी बना ली है।
जिला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सोसाइटी, एसएएस नगर की समीक्षा बैठक लेते हुए उन्होंने जिले में चल रहे ओओएटी केंद्रों और नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निजी नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का नियमित अंतराल पर निरीक्षण किया जाना चाहिए।
जिससे कामकाज पर नजर रखी जा सके। राज्य सरकार के निर्देशानुसार इन ओओएटी केंद्रों, नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की कार्यप्रणाली की जांच की जा रही है, ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके।
डिप्टी कमिश्नर ने नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में दिए जाने वाले भोजन के खर्च में बढ़ोतरी को मंजूरी देते हुए जिला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, सेक्टर-66 मोहाली में कैंटीन स्थापित करने को भी मंजूरी दी। उन्होंने सभी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों, मनोचिकित्सकों और गैर सरकारी संगठनों से फीडबैक प्राप्त करते हुए उनके सुझावों को धैर्यपूर्वक नोट किया और आने वाले दिनों में उन पर काम करने को कहा। स्थानांतरित करने का प्रस्ताव करना चाहिए, जहां सबसे कम मरीज आते हैं या जिनके पास कोई मरीज नहीं है।