15 दिसंबर 2025 को मोहाली के गांव सोहाना में आयोजित एक कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हमलावरों ने राणा बलाचौरिया पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
कबड्डी प्रमोटर कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की हत्या के मामले में भागे आखिरी शूटर को पुलिस ने त्रिपुरा से गिरफ्तार कर लिया है।
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आरोपी की पहचान आदित्य उर्फ मक्खन के रूप में हुई है। वह अमृतसर का रहने वाला है और लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहा था। डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि यह गिरफ्तारी पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने केंद्रीय एजेंसियों और त्रिपुरा पुलिस के साथ मिलकर चलाए संयुक्त ऑपरेशन के दौरान की गई। आरोपी को त्रिपुरा के अगरतला से काबू किया गया। पुलिस के अनुसार आदित्य उर्फ मक्खन का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है।
उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, हथियारों के बल पर लूट, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट सहित कम से कम 14 मामले दर्ज हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपने विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर इस वारदात को अंजाम दिया था। आदित्य के फरार होने के बाद से ही उसकी तलाश जारी थी। जैसे ही उसके ठिकाने के बारे में खुफिया जानकारी मिली। पुलिस ने शैडो हंट नाम से एक इंटर-स्टेट ऑपरेशन शुरू किया।
डीएसपी रैंक के अधिकारी की निगरानी में टीम को त्रिपुरा भेजा गया, जहां स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले इस मामले में दो अन्य शूटर करण पाठक उर्फ करण डिफॉल्टर और तरनदीप सिंह को पश्चिम बंगाल के हावड़ा से गिरफ्तार किया जा चुका है। इनके साथ एक अन्य आरोपी आकाशदीप को भी पकड़ा गया था। इसके अलावा लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के आरोप में ऐशदीप सिंह और दविंदर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह है मामला
15 दिसंबर 2025 को मोहाली के गांव सोहाना में आयोजित एक कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हमलावरों ने राणा बलाचौरिया पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। एडीजीपी एजीटीएफ प्रमोद बान ने बताया कि इस कार्रवाई के साथ ही इस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में थाना सोहाना में भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था।