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Mohali News: राज्यसभा सांसद संधू ने संसद में पंजाब के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का मुद्दा उठाया

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मोहाली। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और बिजली मंत्रालय ने सदन के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान संसद को बताया कि पिछले पांच साल (2019 से 2024) में पंजाब में सौर ऊर्जा उत्पादन दोगुना हो गया है, जो 1358 मिलियन यूनिट से बढ़कर 2673 मिलियन यूनिट हो गया है।
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यह बात केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और बिजली राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने पंजाब में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन पर राज्यसभा सदस्य सतनाम सिंह संधू के प्रश्न के उत्तर में आंकड़ों के आधार पर कही। संसद सदस्य (राज्यसभा) सतनाम सिंह संधू ने पिछले पांच साल में पंजाब में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय द्वारा उठाए गए कदमों और इस अवधि के दौरान राज्य में उत्पादित हरित या नवीकरणीय ऊर्जा की मात्रा का प्रश्न उठाया था। उन्होंने देश में विशेष रूप से पंजाब में हरित ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए कृषि अवशेषों और अन्य कृषि अवशेषों का उपयोग करने के लिए केंद्रीय मंत्रालय द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में भी पूछा।


पंजाब में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के आंकड़ों को साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री नाइक ने कहा कि इसी अवधि के दौरान बायोमास गैस उत्पादन में भी 54 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 398.37 मिलियन यूनिट से बढ़कर 613.44 मिलियन यूनिट हो गया है। केंद्रीय मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों में कहा गया है कि राज्य में सौर, बायोमास, खोई, लघु जल विद्युत, बड़ी जल विद्युत सहित नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का कुल उत्पादन पिछले 5 वर्षों में 12 प्रतिशत बढ़ा है, जो 7846 मिलियन यूनिट से बढ़कर 8798 मिलियन यूनिट हो गया है।
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पंजाब सहित देश में अक्षय ऊर्जा क्षमता को बढ़ावा देने और उसमें तेजी लाने के लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए मंत्री ने आंकड़ों पेश करते कहा कि एमएनआरई द्वारा नवंबर 2022 में अधिसूचित राष्ट्रीय जैव ऊर्जा कार्यक्रम के तहत पंजाब में 16 परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जो धान की पराली सहित कृषि अवशेषों को अपने फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करती हैं। यह कार्यक्रम पंजाब राज्य सहित देश में केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) प्रदान करके बायोमास से संबंधित परियोजनाओं जैसे कि संपीड़ित जैव गैस (सीबीजी) संयंत्र, गैर-बगास सह-उत्पादन संयंत्र और ब्रिकेट/पेलेट निर्माण संयंत्रों की स्थापना का समर्थन करता है। ये बायोमास संयंत्र धान की पराली सहित कृषि अवशेषों को अपने फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करते हैं। अब तक पंजाब में इस कार्यक्रम के तहत 16 परियोजनाएं शुरू की गई हैं।

सांसद (राज्यसभा) सतनाम सिंह संधू ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत न केवल ऊर्जा क्रांति का गवाह बन रहा है, बल्कि दुनिया की अक्षय ऊर्जा राजधानी भी बन रहा है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्तमान में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के सबसे आशाजनक देशों में से एक है। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से नवंबर के बीच, भारत ने लगभग 15 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता जोड़ी है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान जोड़े गए 7.54 गीगावाट से लगभग दोगुनी है।
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