मोहाली। जिले में शुक्रवार सुबह हुई बारिश ने प्रशासन और नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। बारिश में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए शहर अभी तक तैयार नहीं है। नगर निगम और संबंधित विभाग ने बेशक रोड गलियों की सफाई शुरू कर दी है लेकिन अधिकांश सड़क और नालियां अभी अवरुद्ध हैं। समय पर इनके साफ होने की संभावना नहीं है। शहर में करीब 23 हजार के करीब रोड गलियां हैं। इनकी सफाई के लिए हर साल नगर निगम करीब 1.50 करोड़ का बजट आवंटित करता है। इनमें से 9,500 जल सप्लाई एवं सेनिटेशन विभाग के पास है। 8,500 नगर निगम और 5,000 के करीब गमाडा के अधीन हैं। जल सप्लाई विभाग फेज-1 से 11 तक जिम्मेदार है। नगर निगम सेक्टर-66 से 69, सेक्टर-76 से 89 और सेक्टर-65 बल्क मटीरियल मार्केट को कवर करता है, जबकि गमाडा एरोसिटी, आईटी सिटी और सेक्टर-88 के नए क्षेत्रों को संभालता है।
गमाडा के कार्यकारी अभियंता हिमांशु संधू के अनुसार एयरपोर्ट रोड पर नालियों की सफाई शुरू कर दी है। जैसे ही हमें मंजूरी मिलेगी, हम अन्य क्षेत्रों में काम शुरू कर देंगे। जल सप्लाई विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लगभग 2,500 सड़क किनारे बनी रोड गलियों की सफाई कर दी गई है। विभाग को दो सप्ताह में काम पूरा होने की उम्मीद है। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता सुनील शर्मा ने कहा निगम की ओर से रोड गलियों की सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। 15 जुलाई तक काम पूरा हो जाएगा।
आखिरी समय में करते हैं सफाई
डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी का कहना है कि अधिकारी हर साल आखिरी समय पर सफाई का काम शुरू करवाते हैं। अगर समय से पहले रोड गलियों की सफाई होती तो बरसात के मौसम में दिक्कत न आती। उन्होंने कहा कि इस लेटलतीफी के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। 20 साल पहले यहां जलभराव नहीं होता था, क्योंकि सड़कें प्लिंथ लेवल से ऊपर नहीं थीं। अब सेक्टरों को विभाजित करने वाली सड़कें घरों के प्लिंथ लेवल से ऊपर हैं, जिससे बारिश का पानी घरों में घुस जाता है। फेज-3बी1 और 3बी2 के अलावा 4 व 5 और फेज 11 के साथ-साथ सेक्टर 70 व 71 में जलभराव एक आम बात हो गई है।