मोर्चा ने सरकार पर उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई न करने का आरोप है लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। कौमी इन्साफ मोर्चा ने बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब में बड़े स्तर पर चक्का जाम करने की तैयारी की है। मोर्चा ने सरकार पर उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में अगस्त के अंत तक एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई जाएगी। मोर्चा ने बीते 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया था। यह बंद सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक रखा गया था। मोर्चा के सदस्य और अधिवक्ता दिलशेर झांडियाला ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर उचित फैसला नहीं लिया तो पूरे प्रदेश में चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी भी दी। झांडियाला ने बताया कि लंबे समय से उठाई जा रही मांगों पर सरकार की ओर से कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ रोष जताया जाएगा। मोर्चे की ओर से चक्का जाम के लिए कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लामबंद किया जा रहा है।
यातायात पर संभावित असर
चक्का जाम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के सड़कों पर पहुंचने की संभावना है। इससे मुख्य सड़कों और प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है। वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर व्यस्त मार्गों पर जाम की स्थिति बनने की संभावना है। पुलिस-प्रशासन भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारी कर सकता है।
मोर्चा की अपील और सरकार से मांग
मोर्चा के नेताओं ने लोगों से आंदोलन में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से मांगें रखने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। इसलिए उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मोर्चा ने सरकार से मांगों का जल्द समाधान करने की मांग की है। इससे चक्का जाम जैसी स्थिति से बचा जा सकेगा।