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मोहालीः पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट की लिफ्ट ने दिया धोखा, आधा घंटा अंदर ही फंसे रहे वारंट अफसर

Tue, 28 Jul 2020 01:30 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, मोहाली
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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मोहाली सेक्टर-88 स्थित पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट में सोमवार दोपहर एयरफोर्स से रिटायर वारंट अफसर मोहन सिंह (75) लाइट चले जाने के कारण लिफ्ट में फंस गए। करीब आधे घंटे तक उन्हें इस आफत का सामना करना पड़ा। जब उनके परिवारिक मेंबरों ने इस संबंध में प्रोजेक्ट से जुड़े गमाडा के सीनियर अधिकारी को फोन कर मदद मांगी तो अधिकारी ने बुजुर्ग की पत्नी से दुर्व्यवहार किया।
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आहत परिवार ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पंजाब, मुख्य सचिव हाउसिंग एंड अर्बन डिपार्टमेंट पंजाब व गमाडा सीए से की है। परिवार ने मांग की है कि एक तो लिफ्टों को पहल के आधार पर ठीक करवाया जाए। दूसरा संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। बुजुर्ग का कहना है कि उन्होंने लाखों रुपये खर्च करके फ्लैट खरीदा है। इतना ही नहीं लाखों रुपये का मेंटीनेंस चार्ज तक भरा है। वह अधिकारी के इस तरह के बर्ताव को कभी भी सहन नहीं करेंगे।

तीसरी मंजिल में फंस गए थे मोहन सिंह
सीएम को लिखे पत्र में मोहन सिंह ने कहा कि वह पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट के सी-आठ टावर में 11वीं मंजिल में रहते हैं। सोमवार को वह सामान लेकर जब लिफ्ट में जा रहे थे तो अचानक लिफ्ट बंद हो गई । इस दौरान वह तीसरी मंजिल में फंस गए। जब वह ऊपर नहीं पहुंचे तो उनके परिवारिक मेंबर चिंता में आ गए। इस दौरान उन्होंने लिफ्ट के अंदर से अलार्म वाला बटन दबाया लेकिन वह भी सही तरीके से नहीं चला। इतना ही नहीं लिफ्ट में लगे पंखे तक बंद हो गए जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई।
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उन्होंने फोन पर परिवार से संपर्क करने की कोशिश की पर लिफ्ट में नेटवर्क न होने से कॉल नहीं हुई। इसके बाद उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर उनके पारिवारिक सदस्यों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें वहां से निकाला। वहीं इस दौरान जब उनकी पत्नी ने इस संबंध में गमाडा के एक सीनियर अधिकारी (जिसका नाम उन्होंने शिकायत में लिखा है) को फोन किया तो उन्होंने फोन पर दुर्व्यवहार किया।

पति को कुछ हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता
वहीं मोहन सिंह की पत्नी का कहना है कि हमने अपनी सुविधा के लिए फ्लैट खरीदा था। कभी सोचा ही नहीं था कि इस तरह के दिन भी देखने पड़ेंगे। मेरे पति बुजुर्ग हैं, अगर इस दौरान उन्हें कुछ हो जाता तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होता। उन्होंने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

आखिर कहा गया चौबीस घंटे का पावरव बैकअप
मोहन सिंह ने बताया कि जब गमाडा ने पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट की स्कीम निकाली थी तो उस समय बताया गया था कि यहां पर चौबीस घंटे के पावर बैकअप की सुविधा है। लेकिन आए दिन लिफ्ट खराब रहने और लाइट की दिक्कत आती रहती है। वहीं, सूत्रों की माने तो लिफ्ट का काम देखने वाली एजेंसी से गमाडा का पैसे के लेन देन को लेकर विवाद है। जिससे भी यह स्थिति पैदा हो रहीहै।
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