चंडीगढ़। पंजाब उत्तर भारत में टेक्नोलॉजी निवेश, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), नवाचार केंद्र, एआई लैब और डिजिटल उद्यमों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। मोहाली इस टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम का अहम केंद्र बन रहा है। यह बात उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने चंडीगढ़ में सीआईआई कॉन्फ्रेंस ऑन आईटी फ्रंटियर्स के तीसरे संस्करण में कही।
अरोड़ा ने कहा कि पंजाब में मजबूत प्रतिभा आधार, प्रतिस्पर्धी लागत, गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा और अनुकूल कारोबारी माहौल है। इनवेस्ट पंजाब, आईटी, आईईएस, डाटा सेंटर और जीसीसी पॉलिसी-2026 के जरिये निवेश और जीसीसी विस्तार के लिए माहौल तैयार किया जा रहा है।
पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन के सीईओ अमित ढाका ने बताया कि राज्य में 32 विश्वविद्यालय, 190 इंजीनियरिंग कॉलेज, 350 से अधिक आईटीआई और 1,000 से अधिक कौशल केंद्र हैं। ट्राइसिटी में करीब 1.2 लाख आईटी एवं टेक पेशेवर कार्यरत हैं। मोहाली में 150 से अधिक आईटी इकाइयां हैं और आईटी व ईएसडीएम क्षेत्र में 7,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है।
पश्चिमी कमान के मुख्य सिग्नल अधिकारी मेजर जनरल विक्रम जीत सिंह वरायच ने सुरक्षित संचार, नेटवर्क, डेटा और एआई में रक्षा क्षेत्र के अवसर बताए। सीआईआई पंजाब के उपाध्यक्ष आशीष गर्ग ने कहा कि एआई, ऑटोमेशन और इंडस्ट्री-4.0 भारतीय कंपनियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकते हैं।