सुषमा क्रिसेंट प्रोजेक्ट में फ्लैट के कब्जे में देरी पर अब सुषमा बिल्डटेक लिमिटेड को देना होगा सालाना ब्याज
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने जीरकपुर के सुषमा क्रिसेंट प्रोजेक्ट में फ्लैट के कब्जे में देरी पर बिल्डर को ब्याज देने का निर्देश दिया है। सुषमा बिल्डटेक लिमिटेड को आवंटियों की 36.12 लाख रुपये की जमा राशि पर 10.80 फीसदी सालाना ब्याज देना होगा। यह आदेश रेरा सदस्य बिनोद कुमार सिंह ने सुनाया। हरियाणा के कैथल की सुषमा गर्ग और बिंदु गर्ग ने जीरकपुर के सुषमा क्रिसेंट प्रोजेक्ट में एक फ्लैट बुक कराया था। आवंटियों ने 11 मार्च 2023 को 1,590 वर्ग फुट का फ्लैट खरीदने पर सहमति दी थी। फ्लैट की कुल कीमत 40,47,700 रुपये तय हुई थी। बिल्डर ने 3 अगस्त 2023 को बिक्री समझौता और आवंटन पत्र जारी किया था। आवंटियों ने कुल 36,12,490 रुपये जमा कराए थे। इस राशि में एचडीएफसी बैंक से सीधे बिल्डर को जारी 27,20,160 रुपये का गृह ऋण भी शामिल था। मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों को नोटिस भेजे गए थे। हालांकि, 10 सितंबर 2026 की कार्रवाई में बिल्डर पक्ष उपस्थित नहीं हुआ।
ब्याज भुगतान का आदेश
प्राधिकरण ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता पक्ष की दलीलें सुनीं। रेरा ने 3 अगस्त 2024 से आदेश तक 36,12,490 रुपये की जमा राशि पर 10.80 फीसदी सालाना ब्याज देने का निर्देश दिया है। यह भुगतान आदेश के 90 दिनों के भीतर करना होगा। इसके बाद भी वास्तविक कब्जा मिलने तक निर्धारित शर्तों के अनुसार ब्याज देने के निर्देश दिए गए हैं।
अनुपालन रिपोर्ट और जुर्माने का प्रावधान
बिल्डर को सक्षम प्राधिकारी से कंप्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के बाद आवंटियों को लिखित में पजेशन ऑफर जारी करना होगा। प्राधिकरण ने बिल्डर को भुगतान की अनुपालन रिपोर्ट जमा कराने को भी कहा है। आदेश में स्पष्ट है कि अनुपालन रिपोर्ट जमा न करने या निर्देशों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई हो सकती है। रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) अधिनियम, 2016 की धारा 63 के तहत जुर्माने का प्रावधान है।