पंजाब सरकार के नोटिफिकेशन पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आठवीं व पांचवीं की परीक्षा का शेड्यूल जारी किया था। इसे लेकर पंजाब प्राइवेट स्कूल आर्गेनाइजेशन (पीपीएसओ) हाईकोर्ट पहुंच गई है। उसका कहना है कि सरकार ने सीबीएसई व आईसीएसई स्कूलों को इस दायरे से बाहर रखकर एफिलेटेड, एडिड व एसोसिएटेड स्कूलों के साथ पक्षपात किया है।
सरकार ने यह छूट देकर कानून, संविधान व शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन किया है। हाई कोर्ट ने पीपीएसओ की याचिका पर पंजाब सरकार व पीएसईबी को शोकॉज नोटिस जारी किया है। वहीं 21 जनवरी को पंजाब के शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार, बोर्ड चेयरमैन व बोर्ड सचिव मोहम्मद तैयब को तलब भी किया है।
पीपीएसओ के सेक्रेटरी जनरल तेजपाल सिंह व प्रधान दीदार सिंह ढींढसा का कहना है कि सरकार के नोटिफिकेशन के बाद राज्य के 2100 एसोसिएटेड स्कूल, 2800 एफिलेटेड व 3200 पांचवीं व आठवीं तक के मान्यता प्राप्त स्कूलों के 5वीं व 8वीं के स्टूडेंट्स की परीक्षा फरवरी-मार्च 2020 में करवाने का फैसला लेकर शेड्यूल जारी कर दिया है।
इन परीक्षाओं के रजिस्ट्रेशन, एग्जाम फीस के अलावा टेंपरेरी एफिलेएिशन करवाने को 5वीं के लिए 5000 व आठवीं के स्कूलों से 8000 रुपए प्रति स्कूल वसूल कर लिए हैं। वहीं लगभग 1200 सीबीएसई व आईसीएसई स्कूलों से यह फीस नहीं वसूली गई है।