2012 में 6676 वोटों से उन्होंने एक बार फिर उजागर सिंह वडाली को खरड़ विधानसभा से हराया लेकिन प्रदेश में सरकार अकाली दल की बनने के कारण वह हल्के में कोई ज्यादा विकास कार्य नहीं करवा सके। वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव में उन्हें आम आदमी पार्टी के कंवर संधू के हाथों करीब 1900 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था लेकिन पार्टी में अच्छी पकड़ की वजह से वह हलका इंचार्ज बने रहे।
कंग ने सीधे सीएम के खिलाफ खोला था मोर्चा
इस बार कांग्रेस पार्टी से टिकट कटने के बाद जगमोहन सिंह कंग ने बगावत शुरू कर दी थी। उनका सीधा आरोप है कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने साजिश कर उनका टिकट कटवाया है। उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी के चुनाव क्षेत्र में एक प्रेसवार्ता भी की थी। जिस दिन से कांग्रेस ने विजय शर्मा टिंकू को अपना उम्मीदवार बनाया, उसी दिन से वह आप नेता राघव चड्ढा के संपर्क में थे।
आम आदमी पार्टी के संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में जगमोहन सिंह कंग और उनके पुत्र यादवेंद्र सिंह कंग ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया। अब वह खरड़ विधानसभा में कांग्रेस उम्मीदवार विजय शर्मा टिंकू को आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर चुनौती देंगे। कंग का कहना है कि सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के हाथ अवैध रेत के काले धंधे से रंगे हैं। खरड़ और चमकौर साहिब के साथ-साथ भदौड़ विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के खिलाफ प्रचार कर वह कांग्रेस पार्टी को हराकर ही शांत बैठेंगे।
युवा कांग्रेस नेता जसविंदर सिंह ने भरा आजाद नामांकन
जगमोहन सिंह कंग के अलावा कांग्रेस पार्टी के युवा नेता जसविंदर सिंह जस्सी गिल ने भी बगावत शुरू कर दी है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार विजय शर्मा टिंकू के खिलाफ बतौर आजाद उम्मीदवार मंगलवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। जसविंदर सिंह गिल का कहना है कि वह पार्टी के एक वफादार सिपाही थे लेकिन पार्टी ने उनके ऊपर भरोसा नहीं दिखाया। वह जनता की सच्चे दिल से सेवा करना चाहते हैं।