उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के बाद आप में फूट उभर कर सामने आ गई है। पार्टी के राज्य संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर ने डेराबस्सी में एक प्रेस कांफ्रेंस में अपना रोष जाहिर किया। उन्होंने उम्मीदवारों के चुनाव में ईमानदार वर्करों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने गलत उम्मीदवारों को टिकट देने का आरोप लगाया है। छोटेपुर शुक्रवार को कांग्रेस के जिला उपप्रधान व जट महासभा के राज्य सचिव चरनजीत सिंह टिवाना व पीपीपी नेता भगवंत सिंह बलटाना को पार्टी में शामिल करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
छोटेपुर ने कहा कि अगर वर्करों का जोश खत्म हो गया तो पार्टी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों का चुनाव करते हुए वर्करों की अनदेखी की जा रही थी, जिसको उन्होंने पार्टी में उठाया। इस कारण 26 में से 7 उम्मीदवारों के नाम का एलान करने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि जारी की गई 19 उम्मीदवारों की सूची में तीन से चार उम्मीदवार टिकट देने लायक नहीं हैं। उन्हाेंने कहा कि इस संबंध में अरविंद केजरीवाल को हलकों व उम्मीदवारों के नाम सहित शिकायत करेंगे। उन्होंने कहा कि ज्यादातर हलकों में पिछले तीन सालों से वर्कर मेहनत कर रहें हैं, जिनकी अनदेखी नहीं की जा सकती है।
इससे पहले उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि चरनजीत सिंह टिवाना के आने के बाद अब कांग्रेस खाली हो गई है। कांग्रेस में सिर्फ दलबदलू रह गए है। उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया के बारे में कहा कि राज्य की कमेटी पांच उम्मीदवारों के नाम पीएपी केंद्रीय कमेटी को भेजती है। इसमें पंजाब के दो सदस्य हैं, जिनमें भगवंत मान व साधू सिंह अन्य तीन दिल्ली के हैं। उनका काम है सच्ची रिपोर्ट देना बाकी कार्य पार्टी का है। वह पार्टी की मजबूती के लिए कार्य करते रहेंगे। इस मौके पर डॉ. बलबीर सिंह, राकेश बग्गा, इकबाल सिंह डेराबस्सी, पुष्पिंद्र सिंह ईस्सापुर, भूम सिंह राणा, स्वीटी शर्मा, हरबंस सिंहभ जीरकपुर, कर्नल जेएस सराए मौजूद रहे।
यह लोग ‘आप’ के हुए
दलजीत सिंह बाजवा जिला प्रधान इंटक, सुरजीत सिंह राणा, डॉ. नरिंद्र जगदेव, अमन सैनी, गुरप्रीत बिल्ला, जरनैल सिंह, बलविंद्र बिल्ला,जगमीत सिंह लक्की पहलवान भारत केसरी, अमृतपाल सिंह टिवाना, अवतार सिंह गोगिया, जसपाल सिंह, सुरिंद्र मिश्रा, आशु महासचिव और डा. बचन राम शामिल हैं।