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छोटे शहरों से निकल अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किया पंजाब व हरियाणा का नाम रौशन

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मोहाली। युवा देश व समाज का न सिर्फ भविष्य बल्कि प्रेरणा होते हैं। युवाओं का संघर्ष और उनकी सफलता जहां वर्तमान समाज की इबारत लिखते हैं, वहीं आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत भी बनते हैं। ऐसी ही इबारत लिखी है पंजाब की बेटी और हरियाणा में पलवल की बहू मिली गर्ग ने। उन्होंने न सिर्फ देश बल्कि विदेशी धरती पर भी पंजाब का नाम रोशन किया।
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पंजाब के छोटे से शहर नाभा में जन्मी मिली गर्ग, एक व्यापारिक परिवार से संबंध रखती हैं। छोटे शहरों की सामाजिक पाबंदियों के बीच पली बढ़ी मिली ने कभी हालात से समझौता नहीं किया। उन्होंने सामान्य शिक्षा के बाद विवाह की पारिवारिक मान्यता को परिवार की सहमति से तोड़ा और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से एमए और उसके बाद एलएलएम तक की पढ़ाई की। इसके बाद हरियाणा के व्यापारिक परिवार में ही सजातीय विवाह कर वह अपने पति के साथ विदेश चली गईं। शुरुआती पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा करने के बाद मिली ने अपने सपनों को उड़ान देना शुरू किया। वापस लौटीं तो पहले चंडीगढ़ और फिर मोहाली को अपना घर बना लिया। मिली गर्ग बीते सितंबर में एलोरा मिसेज इंडिया 2019 का खिताब मिल चुका है। इसके बाद बीते नवंबर में मिली गर्ग को ब्रिटिश संसद में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला था, जहां उन्हें सम्मानित भी किया गया। इस कार्यक्रम में भारत और यूरोप की कई नामचीन हस्तियों ने शिरकत की थी। मिली गर्ग 2018 में फेस ऑफ इंडिया रह चुकी हैं, इसके साथ ही उन्हें वुमेन ऑफ इंस्परेशन का टाइटल भी मिल चुका है।
इसी साल जनवरी की शुरुआत में मिली गर्ग को इंटरनेशनल ह्यूमन राइट ऑर्गेनाइजेशन ने पंजाब के लिए अपना लीगल एडवाइजर भी नियुक्त किया है। बीते सप्ताह चंडीगढ़ के तत्कालीन मेयर राजेश कालिया व आर्गेनइजेशन के नॉर्थ जोन डायरेक्टर अमनदीप मित्तल ने उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा था। इसी के साथ उन्हें ऑर्गेनाइजेशन में वूमन विंग का जनरल सेक्रेटरी भी नियुक्त किया गया है। सांसद व अभिनेत्री हेमा मालिनी की संस्था नारी शक्ति को प्रणाम ने मिली गर्ग को देश की 51 प्रभावशाली महिलाओं में चुना है। उन्हें 15 जनवरी को दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। ट्राइसिटी में काम कर रही एनए कल्चरल सोसाइटी ने मिली को अपने फेस के तौर पर चुना है, जो देश में इस संस्था का प्रनितिधित्व करती हैं।
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भावी पीढ़ी को सशक्त बनाने में जुटी हैं मिली
खुद के लिए सामाजिक पाबंदियों को तोड़ परिवार और देश का नाम रोशन करने वाली मिली गर्ग आज जरूरतमंद बच्चों को देश का सशक्त नागरिक बनाने की मुहिम में जुटी हुई हैं। मिली जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा देने का काम कर रही हैं। इसके साथ ही दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी काम कर रही हैं। दिव्यांग बच्चों की सुविधाओं के लिए मिली रैंप शो व फैशन शो के जरिए पैसा जुटा रही हैं। मिली सपनों से समझौता कर जी रहे अपने जैसे युवाओं के लिए कहती हैं कि जिम्मेदारियों व सपनों के बीच तालमेल बना सही राह चुनने से ही सफलता मिलती है।
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