जीरकपुर। जीरकपुर के कई गांवों में अब ग्रामीणों ने बाहरी व्यक्ति या वाहन को न घुसने देने के लिए पहरा लगाना शूरू कर दिया है।
ऐसा लोहगढ़, पभात और नाभा गांव में किया गया है। इन तीनों ही गांव के निवासियों ने
गांव में पहरे की व्यवस्था इसलिए की है क्योंकि यहां से बाहर की गाड़ियां निकलती थीं। ऐसी स्थिति में अब इन गांव से होकर बाहर की गाड़ियां नहीं निकलेंगी।
पभात के पूर्व एमसी सुरेंद्र सिंह छिंदा ने बताया कि गांव से होकर कई गाड़ियां गुजरती थीं। ऐसी स्थिति में गाड़ियों को रोकने के लिए यहां रस्सी लगाकर पहरा देने की शुरुआत की गई है।
इमरजेंसी में देते हैं छूट
यदि कोई ऐसी गाड़ी आती है जिसको इमरजेंसी है तो उसको जाने दिया जाता है।
नाभा के लकी ने बताया कि गांव में तीन दिन पहले से रस्सी बांधकर पहरे की व्यवस्था की गई है। इसके अंतर्गत दो-दो लोगों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रयास यह है कि बेवजह कोई भी व्यक्ति घर से न निकले। लोहगढ़ के गुरचरण सिंह चन्नी
ने बताया कि लॉकडाउन में नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए यहां जनता नाका लगाया गया है। प्रयास यह है कि यहां से बेवजह न तो कोई गाड़ी आए और न ही जाए। यदि गांव से भी कोई बाहर जाता है तो वह भी स्पष्ट कर देता है कि कहां जा रहे हैं।
लोहगढ़ में दो जगह रास्ता बंद
लोहगढ़ में दो जगह गांव के लोगों ने रास्ता बंद किया गया है। एक जगह तार और दूसरी जगह बांस से रास्ते को घेरा गया है। इन दोनों जगहों पर लोग नियमित पहरेदारी भी कर रहे हैं। सिर्फ इमरजेंसी में आने जाने वालों के लिए रास्ता खोला जा रहा है। गांव के लोगों का मानना है कि लॉकडाउन का पालन करेंगे तभी कोरोना वायरस से निजात मिल सकती है।