12वीं के बाद 10वीं कक्षा के रिजल्ट में भी वर्ल्ड क्लास सिटी को झटका लगा है। जिले के वीआईपी टीचर फिसड्डी साबित हुए हैं। एक भी विद्यार्थी जहां मेरिट सूची में अपना स्थान नहीं बना पाया है, वहीं, पास प्रतिशत में निराशाजनक रही है। पास प्रतिशत के मामले में मोहाली जिला 21वें पायदान पर रहा है, जबकि इसके बाद बरनाला जिले का नंबर आता है। जबकि चंडीगढ़ और अन्य राज्यों के विद्यार्थियों का रिजल्ट मोहाली जिले की अपेक्षा काफी बढ़िया रहा है। इनका पास प्रतिशत 69.57 रहा है। दूसरी तरफ मोहाली जिले के निराशाजनक रिजल्ट को शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि रिजल्ट की स्टडी की जाएगी। वहीं, जिन टीचरों का रिजल्ट खराब रहा है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, इस बार दसवीं की परीक्षा में जिले के 9031 स्टूडेंट्स अपीयर हुए थे। इसमें से 5578 विद्यार्थी ही पास हो पाए। जिले की पास प्रतिशत 61.77 रही है। हालांकि, पिछले वर्ष के मुकाबले यह छह प्रतिशत अधिक है। लेकिन अन्य जिलों की तुलना में यह काफी कम है। जबकि पड़ोसी जिले पटियाला की पास प्रतिशत 69.30 रही है। वहीं, रूपनगर की 70.28 और लुधियाना की पास प्रतिशत 65.42 रही है। जबकि मेरिट के मामले में मोहाली जिला खाता भी नहीं खोल पाया है। इसी कड़ी में पठानकोट मोहाली के साथ रहा है, जबकि अन्य जिले मोहाली से आगे रहे हैं।
स्पोर्ट्स कैटेगरी का एक भी विद्यार्थी मेरिट में नहीं
जिले को राज्य सरकार स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित कर रही है। करोड़ों की लागत से सरकार ने शहर में कई स्टेडियम बनाए है। इसके अलावा राज्यस्तरीय खेल इंस्टीट्यूट भी शहर में हैं। लेकिन, इसके बाद भी एक भी बच्चा मेरिट में जगह नहीं बना पाया है।
दूसरों को नसीहत खुद मियां फजीहत
शहर के फेज-3बी1 स्थित सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक ट्रेनिंग सेंटर है। जहां पर राज्य के टीचरों को सालभर विभिन्न विषयों को पढ़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग स्टेशनों में जिले के टीचरों द्वारा तैयार किए गए टीएलएम को ही आधार बनाकर ट्रेनिंग की जाती है। दसवीं के रिजल्ट में यह स्कूल पिछड़ गया, जबकि शिक्षामंत्री शहर में रहते हैं।