आम दिनों के मुकाबले कम संख्या में आई बसें, सवारियां पूरा दिन हुई परेशान
- ऑटो और कैब चालकों ने वसूला ज्यादा किराया, मजबूरी में लोग आवाजाही करते रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। पीआरटीसी के कॉन्ट्रेक्ट वर्कर यूनियन के कर्मचारियों ने वार्षिक वेतन में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी और अन्य मांगो को लेकर मंगलवार को पूरे पंजाब में चक्का जाम किया। इस दौरान पूरे पंजाब में 27 बस स्टैंडों पर धरना प्रदर्शन किया गया और बस सेवा बंद रखी गई। हालांकि लोगों की परेशानी को देखते हुए विभाग ने कुछेक बसें अपने रूटों चलाई भी, ताकि लोग परेशान न हों।
इस दौरान पटियाला चौक पर बसों का इंतजार करने वाले लोग काफी परेशान हुए। यहां खड़े लवप्रीत सिंह, बलजिंदर सिंह, छिंदर कौर, सुरिंदर कौर, गुरचरण सिंह, रिम्मी ग्रेवाल, सुनीता देवी, ज्ञान सिंह आदि ने बताया कि वह घंटों से यहां खड़े हैं और बस आ ही नहीं रही, ऊपर से बरसात का मौसम बना हुआ है। अगर बरसात हुई तो यहां खड़े होने की जगह भी नहीं है। लवप्रीत ने बताया कि वह बठिंडा जा रहा है, बलजिंदर ने बताया कि वह पटियाला, छिंदर कौर ने लांडरा, सुरिंदर कौर ने पटियाला जाना था। इन्होंने बताया कि हमारा सफर बहुत लंबा है और हमें यहीं इंतजार करते हुए चार बज गए हैं, कब बस आएगी और कब हम घर पहुंचेगे। लोगों ने कहा कि कर्मचारियों की लड़ाई सरकार से है फिर हमें क्यों परेशान किया जा रहा है।
वहीं, यहां पर खड़ीं महिलाओं ने कहा कि कब घर पहुंचेगी और घर वाले भी उनका इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद करीब साढ़े चार बजे तेज बारिश शुरू हुई तो लोगों ने फ्लाइओवर के नीचे शरण ली। लेकिन जो भी बस आ रही थी वह फ्लाइओवर से दूर जाकर खड़ी होती थी और जब तक सवारियां भीगकर वहां पहुंचती तो बस निकल जाती थी। इस कारण सवरियों को भारी परेशानी का समाना करना पड़ा।
ऑटो व कैब चालकों ने वसूले ज्यादा पैसे
बसों की हड़ताल का ऑटो और कैब चालकों ने खूब फायदा उठाया और सवारियों से ज्यादा किराया वसूला। जीरकपुर से राजपुरा जाने के लिए बस का किराया 35 से 40 रुपये है, वहां सवारियों से 50 से 60 रुपये वसूले जा रहे थे। घर जाने की जल्दी में लोग ज्यादा पैसे देने को मजबूर थे। वहीं महिलाओं ने कहा कि बसों में हमारी टिकट नहीं लगती तो अब हमें जरूरत से ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं। जोकि सरासर गलत है। जितना किराया है उतना ही लेना चाहिए। पटियाला चौक पर बने अस्थायी बस स्टैंड पर खड़े लोगों ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की तरफ ध्यान देना चाहिए, ताकि लोग परेशान न हों।