अपनी मांगों को लेकर गांव कुंभड़ा में पानी की टंकी पर चढ़कर किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। अपनी मांगों को लेकर 12,700 कच्चे अध्यापकों ने वीरवार को मोहाली के गांव कुंभड़ा में पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ये अध्यापक लंबे समय से पक्के कर्मचारियों जैसी सुविधाओं और बेहतर मानदेय की मांग कर रहे हैं। उनका धरना मोहाली शिक्षा बोर्ड के बाहर पिछले 45 दिनों से जारी है। अध्यापकों का कहना है कि उन्हें महज छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। कुछ शिक्षकों को 14 से 27 हजार रुपये तक वेतन मिलता है। यूनियन नेताओं ने बताया कि कई शिक्षक 12 से 14 साल से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। इतने लंबे समय के बावजूद उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। छह हजार रुपये पाने वाले शिक्षकों को महीने की 19 से 22 तारीख तक भुगतान मिलता है। इतनी कम राशि में स्कूल आने-जाने का पेट्रोल खर्च भी पूरा नहीं होता। कई शिक्षक अपने गांवों से 8 से 20 किलोमीटर दूर स्कूलों में पढ़ाने जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा भी सीमित है। यह स्थिति उनके लिए आर्थिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण है। वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
सरकार पर आरोप
शिक्षकों ने सरकार पर बार-बार बैठक के लिए बुलाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि हर बार आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है। 45 दिनों से चल रहे धरने के बावजूद सरकार का कोई प्रतिनिधि धरनास्थल पर नहीं पहुंचा है। महिंदर कौर ने कहा कि छह हजार रुपये में काम करना बेहद मुश्किल है। उन्होंने सरकार से शिक्षकों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। यूनियन नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में और भी कड़े फैसले लिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि टंकी पर चढ़े किसी शिक्षक के साथ कोई अनहोनी होती है। इसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। अध्यापकों ने अपनी मांगों को पूरा करने की मांग दोहराई।