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‘कुरड़ा’ में पंजाब सरकार द्वारा बनाई जाने वाली ‘जेल’ का विरोध

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मोहाली। पंजाब सरकार द्वारा गांव कुरड़ा में बनाई जाने वाली जेल का गांववासियों ने विरोध शुरू कर दिया है। हालांकि इसका प्रस्ताव गांव की पंचायत ने ही पारित करके पहले सरकार को भेजा था। इसके आधार पर पंजाब सरकार ने शामलात जमीन पर जेल बनाने का फैसला लिया।
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दूसरी ओर, गांववासियों को जब इसकी प्रक्रिया शुरू होने की खबर मिली तो उन्होंने शनिवार को प्रेस वार्ता करते हुए विरोध जताया। उन्होंने तर्क यह दिया गया कि गांव में अगर जेल बनती है तो यहां दूध का व्यापार करने वाले लोग बेरोजगार हो जाएंगे और साथ ही जेल के लिए बनाई जाने वाली चेक पोस्ट से निजता खत्म हो जाएगी। यह आरोप शनिवार को गांव कुरड़ा, सेखनमाजरां सहित कुल तीन गांवों के लोगों ने मिलकर प्रेसवार्ता करके लगाए। उनका कहना है कि गांववासियों ने पंजाब सरकार को इस बाबत बता दिया है कि वे यहां जेल नहीं बनने देंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान किसान यूनियन डकौंदा के ब्लॉक प्रधान मुख्तियार सिंह, नंबरदार जगदीप सिंह, पंच अजैब कौर, जगवीर सिंह, गुरदीप सिंह, मनिंदर सिंह, रणधीर सिंह, लखवीर सिंह, हरजीत कौर, तरन कौर व रणधीर कौर आदि गांववासियों ने बताया कि ‘आप’ की सरकार से पहले कांग्रेस सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने सरपंच पर दबाव बनाते हुए गांव में जेल बनाने का प्रस्ताव पारित करवा दिया। इसका पता चलते ही गांववासियों ने विरोध जताते हुए प्रशासन के पास एतराज जताते हुए बाकायदा मांगपत्र अलग-अलग विभाग को सौंपे। वहीं गांववासियों के एतराज को दरकिनार करते हुए पंजाब सरकार ने अपने वार्षिक बजट के दौरान जिला मोहाली के गांव कुरड़ी में जेल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। पंजाब सरकार के प्रस्ताव के बाद प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी और करीब 17 एकड़ जमीन पर जेल बनाने की योजना बनाई जा रही है।
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दो हजार लीटर दूध की सप्लाई करता है गांव कुरड़ी :
प्रेसवार्ता के दौरान गांववासियों ने पंजाब सरकार पर बेरोजगारी बढ़ाने के आरोप लगाए। कहा कि गांव कुरड़ी प्रतिदिन 2 हजार लीटर से अधिक दूध की सप्लाई करता है और गांव की 80 फीसदी आबादी दूध के कारोबार पर निर्भर है। दूसरी ओर, पंजाब सरकार द्वारा जेल बनने के बाद यहां रहने वाले लोगों का कारोबार पूरी तरह से बंद हो जाएगा। इसका मुख्य कारण जेल बनने के बाद लागू होने वाली शर्तें होंगी। गांव का अधिकतर क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो जाएगा और यहां से आने-जाने के लिए लोगों को कई तरह की होने वाली चेकिंग से होकर आना-जाना पड़ेगा। उन्होंने बुड़ैल जेल की उदाहरण देते बताया कि बीते दिनों टिफिन बम मिलने के बाद पुलिस विभाग ने आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया। सीलबंदी के दौरान जो परेशानियां लोगों को झेलनी पड़ीं, वे सभी जानते हैं।
सरकार नहीं मानीं तो खटखटाएंगे अदालत का दरवाजा
गांववासियों ने बताया कि पूर्व सरपंच द्वारा पारित प्रस्ताव के विरुद्ध 25 जून को एक और प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें गांव में बनाई जाने वाली जेल को लेकर गांववासियों ने अपना एतराज जताया है। उन्होेंने कहा कि ऐसा नहीं कि जेल बनने के बाद यह परेशानी अकेले उनके गांव को है, बल्कि साथ लगने वाले अन्य गांववासियों को भी ऐसी ही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि गांव कुरड़ी के बजाय अन्य किसी जगह पर जेल बनाई जाए ताकि गांव की शांति भंग न हो। अगर पंजाब सरकार ऐसा नहीं करती है तो वे अदालत में जाने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
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