मोहाली। शाही माजरा के पीटीएल पॉइंट पर नगर निगम के डंपिंग ग्राउंड ने फेज-4 और फेज-5 के लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। रविवार को नाराज लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गुस्साए लोगों ने डंपिंग ग्राउंड के मुख्य गेट और पीछे के गेट दोनों पर ताले जड़ दिए। नाराज लोगों ने टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इन लोगों ने स्पष्ट किया कि अब न कोई कूड़े की गाड़ी अंदर जाएगी और न बाहर, जब तक डंपिंग ग्राउंड यहां से हटाया नहीं जाता। स्थानीय लोगों ने डंपिंग ग्राउंड के बाहर पक्के तौर पर टेंट लगा दिया है। पार्षद अशोक झा का कहना है कि कई माह तक यहां से कूड़ा नहीं उठाया जाता है। इस कारण लोगों का घरों में सोना और खाना दूभर हो गया है। अब लोगों ने निर्णय लिया है कि कूडे की किसी गाड़ी को यहां नहीं आने दिया जाएगा।
पार्षद शोक झा और स्थानीय लोगों हरबीर सिंह, एलके त्रिपाठी, स्वर्ण कौर, उमा यादव, किरणबीर सेठी, हरदीप कंग का कहना है कि उनके करोड़ों रुपये की कीमत वाले मकानों के पास यह डंपिंग ग्राउंड बनाने से चारों तरफ बदबू फैली रहती है। 24 घंटे दुर्गंध के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया है। यहां तक कि मेहमान भी उनके घर आने से कतराने लगे हैं। निवासियों का आरोप है कि खुले में पड़े कूड़े से मच्छर, मक्खियां और जानवर इकट्ठे होते हैं। इससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
मेयर ने लोगों को दिया आश्वासन
मौके पर पहुंचे मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने लोगों को भरोसा दिलाया कि 30 अगस्त तक डंपिंग ग्राउंड हटा दिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने इसे केवल खानापूर्ति बताकर कहा कि अब वे सिर्फ कार्रवाई देखेंगे, कागजी आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका कहना है कि प्रशासन ने पहले भी कई बार भरोसा दिलाया, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
डिप्टी मेयर ने भी निगम पर साधा निशाना
डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने धरनास्थल पर लोगों का समर्थन करते हुए कहा कि यह समस्या उन्होंने डेढ़ साल पहले ही उठाई थी। जब इस डंपिंग ग्राउंड का ऑर्डर आया था, तब मैंने पुतला जलाकर विरोध किया था। अगर उस समय कार्रवाई की होती तो आज ये नौबत न आती। गमाडा वैकल्पिक जमीन देने में देरी कर रहा है, अधिकारी इस मामले में गंभीर नहीं हैं। समगोली में जो जमीन प्रस्तावित है, वहां न तो प्लांट लगा है, न पहुंचने का रास्ता है। इसलिए वहां कूड़ा फेंकना फिलहाल संभव नहीं है।
गमाडा और निगम के बीच जिम्मेदारी का खेल
डंपिंग ग्राउंड को लेकर नगर निगम और गमाडा के बीच जिम्मेदारी का खेल लंबे समय से चल रहा है। निगम का कहना है कि उन्हें नई जगह मिले तो डंपिंग ग्राउंड तुरंत शिफ्ट कर दिया जाएगा, जबकि गमाडा का रुख ढीला बताया जा रहा है। इस खींचतान का खामियाजा आसपास के लोग भुगत रहे हैं। धरनास्थल पर मौजूद निवासियों का कहना है कि यह आंदोलन अब लंबा चलेगा। जब तक मशीनें और कूड़ा यहां से पूरी तरह हटकर दूसरी जगह नहीं जाता पीछे नहीं हटेंगे। लोगों ने स्थानीय पार्षदों से लेकर प्रशासनिक अफसरों तक को चेतावनी दी है कि अगर मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा।