मोहाली। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी घड़ूआं में फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशन ऑफ पंजाब (एफएपी) नेशनल अवार्ड्स का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी, पूर्व भारतीय क्रिकेटर लेवल-2 की बीसीसीआई कोच नेहा तंवर, त्रिपुरा भवन, नई दिल्ली की रेजिडेंट कमिश्नर सोनल गोयल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। डॉ. किरण बेदी ने 107 मेधावी विद्यार्थियों को प्राइड ऑफ इंडिया पुरस्कार दिए। वहीं, एफएपी नेशनल अवार्ड्स 2023 के पहले दिन शैक्षणिक उपलब्धि पुरस्कार, खेल उपलब्धि पुरस्कार और प्राइड ऑफ इंडिया श्रेणियों के तहत कुल 607 अवार्ड्स दिए गए। 179 निजी स्कूलों, 153 प्रिंसिपलों, 55 शिक्षकों और 220 विद्यार्थियों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इस दो दिवसीय पुरस्कार समारोह में 17 उप-श्रेणियों में लगभग 1831 शिक्षकों, प्राचार्यों, छात्रों और स्कूलों को पुरस्कार दिए जाएंगे।
डॉ. किरण बेदी ने कहा कि पंजाब भारत का एक समृद्ध और विकसित राज्य है। यह देखकर अच्छा लगता है कि कई स्कूल जो शिक्षा, खेल में बढ़िया काम कर रहे हैं, उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। इस मौके पर एफएपी के अध्यक्ष डॉ. जगजीत सिंह धुरी व चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रो. चांसलर डॉ. आर एस बावा भी मौजूद थे।
मातृभाषा को कभी न भूलें : डॉ. जगजीत सिंह
फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशन इन पंजाब के अध्यक्ष डॉ. जगजीत सिंह धुरी ने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को अपनी मातृ भाषा में शिक्षा अर्जित करने का सुनहरा अवसर दे रही है। पंजाबी भाषा के महत्व पर जोर देते कहा कि पंजाबी भाषा स्कूलों में नर्सरी कक्षा से ही शुरू होनी चाहिए। पंजाब में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए पंजाब के हर जिले से विद्यार्थी चुनकर राष्ट्रीय स्तर की टीमें भी बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही पंजाब के कल्चर को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।