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साहब! ऑनलाइन हो गई सुविधा, फिर भी नहीं मिल रहे PPF के पैसे

Tue, 26 Apr 2016 10:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
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money - फोटो : demo pic
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डाक घर में पूरा सिस्टम ऑनलाइन हो गया है। उसके बावजूद लोगों को जमा पीपीएफ की राशि निकलवाने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। लोगों ने इस मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में विवेक कुमार और विजय कुमार ने बताया कि उन्होंने शहर के डाक घर में पीपीएफ खाता खुलवा रखा है।
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विवेक कुमार ने बताया कि उसने 21 मार्च 2016 को उसने अपने खाते में जमा 11.21 लाख रुपये की राशि लेने के लिए कागजात जमा करवा दिए। उन्होंने डाकघर के सब पोस्टमास्टर ने 10 दिन में राशि की अदायगी करने का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि 10 दिन बाद जब वह डाकघर में अपने पैसे लेने के लिए गए तो उन्होंने यह कह कर टाल दिया कि अभी कापी पर ब्याज नहीं लगाया गया है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कापियां रूपनगर भेजी गईं हैं। उन्होंने कहा कि 30 दिन पूरे होने के बाद जब वह फिर डाकघर में गए तो फिर से टरका दिया गया। इस दौरान डाकघर के मुलाजिमों ने कहा कि पूरा काम ऑनलाइन हो रहा है। इस कारण अभी यह संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि डाकघर का काम ऑनलाइन होने के बाद वह फिर अपनी राशि लेने के लिए डाकघर गए तो फिर टाल मटोल शुरू कर दी गई। विवेक कुमार और विजय कुमार ने बताया कि 15 अप्रैल से डाकघर का पूरा काम ऑनलाइन कर दिया गया है। लेकिन, फिर भी उनको अभी तक अदायगी नहीं की गई, बल्कि डाकघर के अधिकारियों द्वारा परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब वह डाकघर जाकर सब पोस्टर मास्टर से बात करनी चाही तो उन्होंने अभद्रता की। विवेक कुमार और विजय कुमार ने बताया कि दोनों ने 22 लाख रुपये से अधिक राशि एक महीने से फंसी हुई है।

क्या कहते हैं अधिकारी
डाकघर के सब पोस्ट मास्टर जोगिंदर सिंह ने अभद्रता के आरोपों को नकार दिया। उन्होंने कहा कि कापी पूरी होने और ब्याज लगने की प्रक्रिया के कारण अदायगी में देरी हुई है। ऑनलाइन सिस्टम के कारण अदायगी में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही उनके पैसे की अदायगी करवा दी जाएगी।
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बुजुर्गों के लिए नहीं हैं विशेष प्रबंध
 डाकघर में काम करवाने के लिए आने वाले बुजुर्गों के लिए कोई अलग प्रबंध नहीं किए गए हैं। सरकार की ओर से चाहे सीनियर सिटीजन के लिए अलग लाइनें लगाए जाने के निर्देश दिए गए हों, लेकिन शहर के डाकघरों में ऐसा कोई प्रबंध नहीं है। इस कारण डाकघर में काम करवाने के लिए आने वाले बुजुर्गों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने सीनियर सिटीजन के लिए अलग प्रबंध करने की मांग भी की है।
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