मोहाली। शहर में खुले में कूड़ा जलाने की शिकायतें लंबे समय से आती रही हैं, लेकिन बुधवार को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्त कार्रवाई करते हुए न सिर्फ आग बुझाई, बल्कि कचरा फेंकने में नगर निगम के कर्मचारियों की भूमिका सामने आने पर सीधे उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। यह पहला मामला है जहां सरकारी कर्मचारी ही शहर में प्रदूषण फैलाने के लिए जिम्मेदार पाए गए।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, पीपीसीबी हरकत में
शहर के विभिन्न इलाकों से लगातार सोशल मीडिया पर कूड़ा जलाने के वीडियो सामने आ रहे थे। स्थानीय निवासी भी इसके बारे में शिकायतें कर रहे थे। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पीपीसीबी की टीम तुरंत फील्ड में उतरी और कई जगहों पर जलता कचरा पाया। पीपीसीबी चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने कहा कि सर्दियों में खुले में कचरा जलाना प्रदूषण को कई गुना बढ़ा देता है। उन्होंने कहा कि खुले में कचरा जलाना हवा में पीएम और ग्रीनहाउस गैसों को बढ़ाता है। हर शिकायत पर मिशन मोड में कार्रवाई हो रही है।
तीन स्थानों पर छापेमारी, नगर निगम कर्मचारियों की गाड़ियां जब्त
क्षेत्रीय अधिकारी नवतेश सिंगला के नेतृत्व में टीम ने सेक्टर 74/117/फेज-8बी, सेक्टर 66A (गांव कंबाला) और सेक्टर 65/फेज-11 में निरीक्षण किया। यहां नगरपालिका ठोस कचरा, निर्माण मलबा और हॉर्टिकल्चर वेस्ट अवैध रूप से डंप मिलता रहा। कई स्थानों पर कचरा धधकता हुआ मिला। टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई, कचरा डालने वाले वाहनों को जब्त किया और रैग-पिकर्स को समझाया कि कचरा जलाने से सेहत पर क्या खतरे होते हैं। सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ, जब जब्त किए गए वाहनों की जांच में सामने आया कि वे नगर निगम मोहाली के कर्मचारियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे थे।
नगर निगम को नोटिस, अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू
नगर निगम कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आने पर बोर्ड ने तुरंत नगर निगम को नोटिस जारी किया। साथ ही पर्यावरण नियमों के तहत नगर निगम अधिकारियों और पंचायत अधिकारी पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।