मोहाली। पावरकॉम की बहुमूल्य संपत्तियों को बेचने की आम आदमी पार्टी सरकार की योजना के विरोध में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने रैली कर पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कई दशक पहले अधिकांश पंचायतों ने कार्यालय और ग्रिड बनाने के लिए बिजली बोर्ड को जमीन दान किया था।
प्रदर्शनकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों पीएसईबी कर्मचारी संयुक्त मंच, बिजली मुलाजिम एकता मंच पंजाब, जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन, ग्रिड सब स्टेशन कर्मचारी संघ (पंजीकरण 24), पावरकॉम और ट्रांसको पेंशनर्स यूनियन पंजाब (संबद्ध एटीके), पेंशनर कल्याण महासंघ पहलवान ने रतन सिंह मजारी और गुरप्रीत सिंह गंडीविंड की अध्यक्षता में विरोध रैलियां निकालीं और पंजाब सरकार और पावरकॉम प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए। इस अवसर पर कर्मचारी और पेंशनर ने 12 अक्टूबर को लुधियाना में एक आपात बैठक बुलाने का ऐलान किया।
साथ ही कहा कि 12 अक्टूबर की बैठक में बड़े पैमाने पर लामबंदी की जाएगी और संस्थान की संपत्तियों को शासकों को बेचने के प्रस्ताव के खिलाफ संघर्षों के माध्यम से एक बड़ी लहर पैदा की जाएगी। नेताओं ने कहा कि अगर पंजाब सरकार द्वारा बिजली कर्मचारियों द्वारा धान की पराली जलाने से रोकने के लिए लगाई गई ड्यूटी कम नहीं की गई तो इस धक्केशाही का भी संघर्षों के माध्यम से मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।