जीती सिद्धू ने मौके पर पहुंचकर सुनी शिकायतें, सप्ताहभर में समाधान न होने पर सड़क पर उतरने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। फेज-11 के पास जगतपुरा में पिछले तीन दिनों से बिजली की परेशानी ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल कर दी है। बिजली न होने का असर पानी की आपूर्ति पर भी पड़ा है। पूर्व मेयर और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमरजीत सिंह जीती सिद्धू रविवार को जगतपुरा पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं।
लोगों ने बताया कि बिजली की लगातार खराबी के कारण घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे खाना बनाने, नहाने और पीने तक के लिए पानी जुटाना मुश्किल हो गया है। जीती सिद्धू ने कहा कि इलाके में कई ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के कर्मचारी कर्मचारियों की कमी का हवाला दे रहे हैं। उन्होंने पंजाब सरकार और संबंधित विभाग से खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने की मांग की। जीती सिद्धू ने बिजली व्यवस्था को तुरंत ठीक कराने को भी कहा। उन्होंने सरकार की मुफ्त बिजली की घोषणा पर भी सवाल उठाए।
स्थानीय निवासी माला ने कहा, ''पिछले तीन महीनों से हम बिजली और पानी की किल्लत से बुरी तरह परेशान हैं। हमने शिकायतें कीं, लेकिन हमारी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।'' एक अन्य स्थानीय निवासी स्वर्णजीत कौर ने बताया, ''बिजली के बार-बार कटने से पानी की भारी किल्लत हो गई है। पिछले तीन दिनों से तो न बिजली आ रही है और न ही पीने का पानी मिल रहा है।''
पानी की गंभीर समस्या
जगतपुरा के लोगों के लिए बिजली की समस्या सिर्फ अंधेरे तक सीमित नहीं है। पिछले तीन दिनों से आपूर्ति बाधित होने के कारण पानी की व्यवस्था भी बिगड़ गई है। कई घरों में नल सूखे पड़े हैं। लोगों को पीने और खाना बनाने के लिए बाहर से पानी लाना पड़ रहा है। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि घर के छोटे-बड़े कामों के लिए पानी सबसे जरूरी है। बच्चों और बुजुर्गों की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा है।
दिहाड़ी मजदूरों पर असर
जीती सिद्धू ने बताया कि जगतपुरा में बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूर रहते हैं। रोज कमाकर घर चलाने वाले इन परिवारों के लिए बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का बंद होना बड़ी परेशानी है। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। उनके मुताबिक इलाके में कुछ ट्रांसफार्मर खराब हैं। विभागीय स्तर पर कर्मचारियों की कमी की बात कही जा रही है। बिजली और पानी दोनों की परेशानी उनकी मुश्किलें और बढ़ा रही है।
आंदोलन की चेतावनी
जीती सिद्धू ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली और पानी की समस्या दूर नहीं हुई तो स्थानीय लोग सड़कों पर उतरेंगे। वे रास्ते रोकने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने साफ किया कि ऐसी स्थिति पैदा हुई तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, खासकर महिलाएं, मौजूद रहीं। जीती सिद्धू ने सात दिन में समाधान न होने पर सड़क जाम करने की बात कही।
कोट्स
हमें यहां रहते हुए काफी समय हो गया है, लेकिन पिछले तीन महीनों से हम बिजली और पानी की किल्लत से बुरी तरह परेशान हैं। हमने हर जगह शिकायतें करके देख लीं और कंप्लेंट नंबर पर भी 1912 पर कई बार फोन मिलाया, लेकिन हमारी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - माला, स्थानीय निवासी
यहां बिजली के बार-बार कटने की वजह से पानी की भी भारी किल्लत हो गई है। वैसे तो हम पिछले दो महीनों से परेशान चल ही रहे थे, लेकिन पिछले तीन दिनों से तो हद ही हो गई है न तो बिजली आ रही है और न ही पीने का पानी मिल रहा है। -स्वर्णजीत कौर, स्थानीय निवासी