मोहाली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू के छोटे भाई अमरजीत सिंह जीती सिद्घू जहां नगर निगम के वार्ड-10 से चुनाव लड़े हैं, अब वहां पर बुधवार को मतदान दोबारा होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने खामियों के कारण वहां पर 14 फरवरी को हुए मतदान को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही अब नगर निगम के सभी वार्डों की मतगणना कल 18 फरवरी को होगी, जो कि पहले 17 फरवरी को होनी थी।
यह फैसला जिला निर्वाचन अधिकारी कम डीसी गिरीश दियालन ने निर्वाचन आयोग को भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार लिया है। क्योंकि इससे पहले आजाद और आम आदमी पार्टी के साझे उम्मीदवार परमजीत सिंह काहलों ने इस संबंधी निर्वाचन आयोग को शिकायत दी थी। इसके साथ ही पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में इस संबंधी केस दायर किया गया है। इसमें उन्होंने बूथ पर कब्जा, फर्जी मतदान के साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके साथ ही दोबारा मतदान की मांग की थी।
जानकारी के मुताबिक निर्वाचन आयोग ने डीसी की रिपोर्ट के आधार पर फैसला लिया है। जिसमें वार्ड-10 के पोलिंग बूथ नंबर 32 और 33 में किए गए मतदान को रद्द कर दिया गया है। वहीं, इन मतदान केद्रों अब बुधवार को मतदान होगा और मतदान की प्रक्रिया सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। वहीं, मतगणना भी 18 फरवरी को सुबह 9 बजे होगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह मतदान में हिस्सा लें। इसके साथ ही मतदान केंद्र के बाहर सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जाएंगे।
एसडीएम की जांच में सही पाए गए आरोप
जानकारी के मुताबिक इस संबंधी आजाद और ‘आप’ के साझे उम्मीदवर परमजीत सिंह काहलो ने निर्वाचन आयोग को शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने गंभीर आरोप लगाए थे और साथ ही नए सिरे से मतदान की मांग की थी। शिकायत के बाद एसडीएम मोहाली कम रिटर्निंग अधिकारी आरओ की ओर से वार्ड नंबर-1 से 25 की जांच सौंपी गई थी। एसडीएम कम रिटर्निंग अधिकारी ने इस मामले की जांच की है। उनकी जांच में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन कमीशन एक्ट की 1994 की धारा 59सी के तहत यह फैसला लिया है।
दोषी पाए गए तो इन पर गिरेगी गाज
जानकारी के मुताबिक डीसी गिरीश दियालन की तरफ से अब इस पूरे मामले की विस्तार से जांच का आदेश अधिकारियों को दिया गया है। वहीं, इममें जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिससे दोबारा ऐसी स्थिति न बने।
यह आरोप लगाए काहलो ने
जानकारी के मुताबिक 14 फरवरी को हुए मतदान के दौरान वार्ड-10 में पूरा दिन जमकर बवाल होता रहा था। ‘आप’ और आजाद ग्रुप के साझे उम्मीदवार ने पहले आरोप लगाया था कि वह हाईकोर्ट के आदेश पर अपने खर्च से वीडियोग्राफी करवा रहे थे। पुलिस ने कांग्रेस उम्मीदवार के दबाव में उसे रुकवाया। इसके बाद उन्होंने वोट डालने आए 6 फर्जी मतदाताओं को पकड़ा और उनके पास से नकली आधार कार्ड तक पकड़े गए। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इतना ही नहीं कांग्रेस के उम्मीदवार अमरजीत सिंह जीती सिद्घू मतदान केंद्र के प्रवेश पर खड़ रहे और पुलिस ने उन्हें रोका था। इसके बाद चंडीगढ़ के कांग्रेस पार्षद दविंदर सिंह बवला कांग्रेस के पक्ष में बूथ के अंदर तक पहुंच गए। जबकि न तो वह पोलिंग एजेंट थे और न ही उनका वहां पर कोई वोट था। इसी तरह चुनाव के बाद सभी उम्मीदवारों को बाहर निकाल दिया गया। जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार मतदान केंद्र के अंदर थे। ऐसे में बूथ पर कब्जे की कोशिश की गई। उन्होंने इस संबंध में सभी दस्तावेज तक निर्वाचन आयोग और हाईकोर्ट को सौंपे थे।