मोहाली। अकाली दल से बगावत कर बने आजाद ग्रुप में सेंध लग गई है। स्त्री अकाली दल की प्रधान कुलदीप कौर कंग के बाद अब बीसी विंग के जिला प्रधान और पूर्व पार्षद गुरमुख सिंह सोहल की भी अकाली दल में वापसी हो गई है। शनिवार को सोहल ने अपने साथियों सहित पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा से मुलाकात की। इसके साथ ही उन्होंने अकाली दल के तराजू निशान पर चुनाव लड़ने का एलान कर दिया।
अकाली दल की ओर से नियुक्त जिला सहायक ऑब्जर्र्वर चरणजीत सिंह बराड़ ने कहा कि दो प्रमुख नेताओं की अकाली दल में वापसी हुई है। इससे अकाली दल और मजबूूत हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कुछ और नेता अकाली दल में वापसी करेंगे।
शिरोमणि अकाली दल एक पुरानी पार्टी है, जिसका वजूद हमेशा बरकरार रहेगा। बराड़ ने कुलवंत सिंह की अगुवाई में बने आजाद ग्रुप और कांग्रेस पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि आजाद ग्रुप के बारे में लोग अच्छी तरह जान गए हैं। यह कुएं के मेंढक की तरह है, जो कि बारिश के मौसम में निकलते हैं। अगर हम कांग्रेस के बारे में बात करते हैं तो स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के बारे में भी लोग सब जानते हैं। उनके पास भी झूठे वादों के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि सिद्धू ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में अभी तक जो वादे किए गए थे, वह भी पूरे नहीं हुए हैं। सिद्धू ने हमेशा अपने परिवार को ही बढ़ावा दिया है। इस बार उन्होंने अपने भाई को चुनावी मैदान में उतारा है। हालांकि इससे पहले सेहतमंत्री सिद्धू शुक्रवार को कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए अकाली दल और आजाद ग्रुप पर खूब बरसे थे। आजाद ग्रुप को जहां उन्होंने मौकापरस्त कहा था, वहीं अकाली के बारे में उन्होंने कहा था कि वह 10 साल सत्ता में रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल इलाके का विकास नहीं करवा पाए।
इस मौके एडवोकेट सिमरनजीत सिंह चंदूमाजरा, वरिष्ठ अकाली नेता प्रदीप सिंह, राज प्रीत सिंह, गुरप्रीत सिंह मोहाली और नव नारायण सिंह औजला आदि भी उपस्थित रहे।