मोहाली। कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज के दौरान अस्पतालों में किसी भी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े। इस बात को पुख्ता करने के लिए आखिर जिला प्रशासन भी गंभीर हो गया है। अब लोग इलाज के दौरान किसी भी तरह की दिक्कत आने पर हेल्पलाइन नंबर-104 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करवा पाएंगे। उस शिकायत पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा निजी अस्पतालों को आदेश दिए गए हैं कि कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए तय खर्च होने और नोडल अधिकारी लगाकर उनके नंबर डिस्प्ले करें। जिससे इलाज करवाने में मरीजों के परिवारों को दिक्कत न उठानी पड़े। कोई भी शंका होने पर वह सीधे संबंधित अधिकारियों से बात कर सकते हैं।
डीसी गिरीश दियालन ने कहा कि जो निजी अस्पताल तय रेटों से अधिक खर्चा वसूलेंगे। उनके खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। सरकार के पास अधिकार है कि जरूरत पड़ने पर ऐसे अस्पतालों को बंद किया जा सकता है या सरकार अपने कब्जे में ले सकती है। डीसी ने बताया कि जीरकपुर के लाइफ लाइन अस्पताल की ओर से मरीज से अधिक पैसे वसूलने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही डॉक्टर की लापरवाही और उसके खिलाफ बनती कार्रवाई करने के लिए जांच रिपोर्ट मेडिकल बोर्ड को भेजी गई है।
बता दें कि सेहत विभाग ने घोषणा की है कि प्रदेश स्तर पर एक कमेटी गठित की जाएगी। जो कि कोविड-19 के मरीजों के इलाज संबंधी ऑडिट करेगी। कोई भी हेल्पलाइन नंबर-104 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवा सकता है।
निजी अस्पतालों पर देखरेख के लिए नियुक्त किए तीन नोडल अधिकारी
निजी अस्पतालों में कोविड के मामलों की देखरेख के लिए जिला प्रशासन की तरफ से तीनों डिवीजन के एसडीएम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। खरड़ के लिए एसडीएम हिमांशु जैन (9533502245), डेराबस्सी के लिए एसडीएम कुलदीप बाबा (9815711006) और मोहाली के लिए एसडीएम जगदीप सहगल (8727856083) से संपर्क करना होगा।
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इलाज के रेट तय हैं। इसमें एल-3 श्रेणी के मरीजों के लिए वेंटिलेटर और वेंटिलेटर का खर्च दस हजार से 18 हजार तक किया गया है। इस संबंधी आदेश की कॉपी विभाग की वेबसाइट http://sasnagr.nic.in/ पर देखी जा सकती है।