बातचीत की रिकार्डिंग सबूत के तौर पर थाने में की पेश, पुलिस ने आधार बनाकर की एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। 1.26 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में पंजाब पुलिस का झूठा कर्मचारी बनकर मदद करने का झांझा देने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ सदर खरड़ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। ठगी में नामजद आरोपी आशोक कुमार निवासी गुरुग्राम (हरियाणा) के बयान पर खरड़ के अमनदीप सिंह के खिलाफ यह केस दर्ज किया गया है। सदर खरड़ पुलिस ने आरोपी को आईपीसी की धारा 419 (धोखा देना) व 170 (किसी विशेष पद को धारण करने का दिखावा करना, यह जानते हुए कि वह ऐसे पद पर नहीं है) की धाराओं में नामजद किया है। जांच अधिकारी के अनुसार आरोपी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है।
दरअसल, अशोक कुमार व उसके बेटे के खिलाफ 21 जनवरी 2024 को खरड़ थाने में आईपीसी की धारा 406, 420 व 120बी के तहत मामला दर्ज हुआ था। अशोक कुमार व उसके बेटे पर 1 करोड़ 26 लाख 84 हजार 454 रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। आरोपियों ने मटौर के रोबिन वालिया से यह ठगी की थी, जिसने उन पर मामला दर्ज करवाया था। इन लोगों पर एफआईआर होने के बाद अशोक कुमार जो डीएलएफ गोल्ड लिंक गुरुग्राम हरियाणा के रहने वाले हैं, का संपर्क अमनदीप सिंह से हुआ। अमनदीप सिंह ने आरोपी अशोक कुमार को बताया कि वह पुलिस विभाग में क्राइम का देखता है और वह इस मामले को रफा दफा करवा देगा। अशोक कुमार ने उस पर भरोसा किया, लेकिन जब जांच की तो अशोक कुमार को पता चला कि अमनदीप सिंह पुलिस विभाग में है ही नहीं। वह उसे धोखा दे रहा है। अशोक कुमार ने अमनदीप सिंह चट्ठा से हुई बातचीत, जिसमें वह खुद को पुलिस विभाग का कर्मचारी कह रहा है की रिकार्डिंग सबूत के तौर पर सदर खरड़ थाने में पेश की। खरड़ पुलिस ने रिकार्डिंग को आधार बनाकर अमनदीप सिंह पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।