मोहाली। शहर की पुलिस ने मंगलवार को एक बार फिर ‘बजरंगी भाई जान’ की भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने चार साल की उस बच्ची को उसके परिजनों से मिलवाया, जो बस रोए ही जा रही थी। वह अपने परिजनों के बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ थी। करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस बलौंगी की गलियों में घूमती रहीं। गुरुद्वारों से एनाउंसमेंट करवाई गई। बलौंगी थाना प्रभारी अमरदीप सिंह ने बताया कि आखिरकार बच्ची को परिजनों को सौंप दिया गया है।
मंगलवार को एक बच्ची मार्केट में लावारिस हालत में मिली। कुछ महिलाएं बच्ची से उसका पता पूछ रही थी। बच्ची से न ही तो बोला जा रहा था और न ही बच्ची को अपना नाम पता था। मां का नाम व घर का पता बताने में भी वह असमर्थ थी।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमरदीप सिंह ने बताया को पता चला तो वह मौके पर पहुंचे। तुरंत अपनी गाड़ी में बच्ची को बैठाकर पूरे इलाके में चक्कर लगवाया। लगभग डेढ़ घंटे तक वे अपनी टीम लेकर इलाके में घूमते रहे। आखिरकार जब वे बलौंगी थाने के क्षेत्र में स्थित एटीएस टावर में बनी हुई एक कॉलोनी में पहुंचे तो वहां पर बिस्कुट, टॉफी चॉकलेट बेचने का काम करने वाली महिला ने तुरंत उस बच्ची को पहचान लिया। इसके बाद थाना प्रभारी ने गवाहों की हाजिरी में तुरंत बच्ची को उसके मां व बहन के हवाले कर दिया।
ऐसे बिछड़ी थी अपनी मां से
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमरदीप सिंह ने बताया कि छोटी बच्ची ट्विंकल की बड़ी बहन माही गुरुद्वारा दाऊं साहिब में माथा टेकने के लिए गई थी। पीछे से उसकी मां मधु अपनी छोटी ट्विंकल को साथ में लेकर बड़माजरा में रहने वाली अपने किसी रिश्तेदार को मिलने के लिए घर से निकल पड़ी। रास्ते में उसका हाथ अपनी मां के हाथों से छूट गया। इसके बाद बच्ची रास्ता भटक गई और जोर-जोर से रोने लगी।
पिता का हो चुका है देहांत
परिजनों से पता चला है कि बच्ची के पिता का नाम वरुण लाल है, जिसका कुछ साल पहले देहांत हो चुका है। वहीं बच्ची की मां मधु भी दिमागी तौर पर ठीक नहीं है। कॉलोनी में सिर्फ बच्ची अपनी मां व बड़ी बहन के साथ रहती है। उसकी बड़ी बहन माही ही लोगों के घरों में काम कर अपनी मां और छोटी बहन का पालन पोषण करती है।