मोहाली। मानसून आ गया है लेकिन मोहाली में बरसाती पानी की निकासी की स्थिति आज भी वर्षों पुरानी है। हर साल नगर निगम बारिश से पहले जलभराव रोकने के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन पहली तेज बारिश के साथ ही शहर की तैयारियों की पोल खुल जाती है।
फेज-4, फेज-5, फेज-11 और सेक्टर-70 व 71 जैसे संवेदनशील इलाके पानी में डूब जाते हैं। सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं और कई घरों में बारिश का पानी घुस जाता है। इस बार भी नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या इस मानसून में लोगों को राहत मिलेगी या करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हालात पहले जैसे ही रहेंगे।
नगर निगम के नवनियुक्त मेयर सरबजीत सिंह समाना के सामने भी जलभराव की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। निगम का दावा है कि इस बार स्टॉर्म वाटर सिस्टम को दुरुस्त करने, डिसिल्टिंग और अन्य कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि वे हर साल ऐसे ही दावे सुनते हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं मिला। संवाद